विश्वस्तरीय सुविधाओं और शानदार मेजबानी से डेरा सच्चा सौदा जीत रहा सभी का दिल
एमएसजी भारतीय खेल गांव के पूल में पदकों की जंग जारी
सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। MSG Bhartiya Khel Gaon: पूल में पदकों के लिए रोमांचक होड़ और बाहर चहुंओर विश्व स्तरीय व्यवस्थाओं की प्रशंसा... एमएसजी भारतीय खेल गांव में आयोजित चार दिवसीय सीबीएसई नॉर्थ जोन-2 बालक वर्ग स्विमिंग चैंपियनशिप के दूसरे दिन कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला। स्विमिंग चैंपियनशिप में हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से आए खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों पर कब्जा जमाया। वहीं खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और सीबीएसई अधिकारियों की जुबान पर एमएसजी भारतीय खेल गांव की आधुनिक खेल सुविधाएं और उत्कृष्ट मेजबानी ही रही।
अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले स्विमिंग पूल के साथ-साथ खिलाड़ियों और उनके परिजनों के ठहरने, भोजन, पेयजल, परिवहन तथा प्रतियोगिता स्थल तक सुगम आवागमन की व्यवस्थाओं की सभी ने खुलकर सराहना की। खिलाड़ियों, अभिभावकों और अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं के लिए डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की खेलों के प्रति दूरदर्शी सोच की प्रशंसा की। उनका कहना था कि इसी सोच का परिणाम है कि सरसा में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन संभव हो रहा है। रविवार को सरसा के एडिशनल एसपी आदर्शदीप सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचकर विजेता खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उनके आगमन पर डेरा सच्चा सौदा के वाइस चेयरमैन डॉ. पीआर नैन, शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों के प्रशासक चरणजीत सिंह इन्सां तथा स्पोर्ट्स हेड कोच डॉ. नवजीत सिंह भुल्लर ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान की प्रबंधन समिति के सदस्य रिटायर्ड कर्नल नरेंद्र पाल सिंह तूर, आयोजनकर्ता शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल, सरसा की प्रधानाचार्या डॉ. शीला पूनिया इन्सां, शाह सतनाम जी बॉयज स्कूल के प्राचार्य राकेश धवन इन्सां, शाह सतनाम जी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिलावर सिंह, सेंट एमएसजी ग्लोरियस इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर-प्रिंसिपल अजय धमीजा इन्सां सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।
एमएसजी भारतीय खेल गांव का अंतरराष्ट्रीय खेल ढांचा हरियाणा के लिए गर्व की बात: एएसपी
एडिशनल एसपी आदर्शदीप सिंह ने कहा कि एमएसजी भारतीय खेल गांव में खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा तैयार किया गया है, जो वास्तव में बेहद प्रभावशाली है। इसके लिए उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यहां आयोजित इस प्रतियोगिता से सरसा के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी। वर्तमान में जिले में नशे की समस्या चिंता का विषय है और इससे मुकाबला करने का सबसे प्रभावी माध्यम खेल हैं। इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से स्थानीय युवाओं का खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा और वे अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर खेलों में आगे बढ़ेंगे। एडिशनल एसपी ने कहा कि नशे के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसी उद्देश्य से सरसा पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सरपंचों एवं अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात कर बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए जागरूक कर रही है। यह नशे के खिलाफ एक प्रभावी प्रिवेंटिव मेजर है। पुलिस जहां नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज रही है, वहीं यदि हम अपने बच्चों को नशे से दूर रखने में सफल हो जाएं तो नशे का कारोबार स्वत: समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएसजी भारतीय खेल गांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) उपलब्ध कराकर डेरा प्रबंधन ने सरसा ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने चैंपियनशिप में उपयोग की जा रही टच पैड्स तकनीक की भी सराहना करते हुए कहा कि इससे तैराक के पूल की दीवार को स्पर्श करते ही सटीक समय दर्ज हो जाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डेरा प्रबंधन भविष्य में भी ऐसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ी यहां आकर अभ्यास करें और देश का नाम रोशन करें। एडिशनल एसपी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता बच्चों पर केवल पढ़ाई का अत्यधिक दबाव डाल देते हैं।
इससे कई बच्चे तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं तथा कुछ गलत संगति में पड़कर नशे की ओर बढ़ जाते हैं। इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ खेलों एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम (को-करिकुलर) गतिविधियों में भी संतुलित भागीदारी सुनिश्चित करें। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा, उनका जीवन एकरस नहीं रहेगा और वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहेंगे। उन्होंने कहा कि एमएसजी भारतीय खेल गांव में उनका यह पहला दौरा है। बाहर से खेल परिसर जितना आकर्षक दिखाई देता है, अंदर का स्विमिंग पूल और अन्य खेल अवसंरचना उससे भी अधिक आधुनिक और प्रभावशाली है।
एमएसजी भारतीय खेल गांव की विश्वस्तरीय सुविधाएं खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक: डॉ. गार्गी
सीबीएसई की आॅब्जर्वर के रूप में चैंपियनशिप में पहुंचीं डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गार्गी ने एमएसजी भारतीय खेल गांव की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां का संपूर्ण प्रबंधन बेहद उत्कृष्ट है। खिलाड़ियों, अभिभावकों और अधिकारियों के लिए सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि यहां का स्टाफ पूरे समर्पण के साथ प्रतियोगिता का संचालन कर रहा है और हर व्यवस्था बेहतरीन ढंग से की गई है। इसके लिए उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीबीएसई नॉर्थ जोन प्रतियोगिताओं के इतिहास में पहली बार टच पैड्स जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यह खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत उपयोगी सुविधा है, क्योंकि इससे तैराक के पूल की दीवार को स्पर्श करते ही सटीक समय दर्ज हो जाता है और परिणाम पूरी पारदर्शिता के साथ सामने आते हैं।
डॉ. गार्गी ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की खेलों के प्रति दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनके विजन के कारण ही यहां इतनी आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि टच पैड्स जैसी तकनीक काफी महंगी होती है, लेकिन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने की सोच के कारण यहां यह संभव हो पाया है। उन्होंने इस पहल की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एमएसजी भारतीय खेल गांव में केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला स्विमिंग पूल ही नहीं, बल्कि रोलर स्केटिंग एरिना, क्रिकेट स्टेडियम और अन्य खेल सुविधाएं भी विश्वस्तरीय हैं। यहां का स्विमिंग पूल पूरी तरह मानक अनुरूप (स्टैंडर्डाइज्ड) है, जिससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में अनेक प्रतिभाशाली बच्चों को ऐसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं, लेकिन यहां की व्यवस्थाएं देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। डॉ. गार्गी ने कहा कि उन्हें यह जानकर भी प्रसन्नता हुई कि यहां जल्द ही 50 मीटर का आॅल वेदर स्विमिंग पूल भी बनाया जा रहा है। इससे भविष्य में और अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि खेलों में हार-जीत लगी रहती है। किसी खिलाड़ी का लक्ष्य केवल प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करे। यही सोच उसे भविष्य में बड़ी सफलताओं तक पहुंचाती है।
दो सत्रों में चल रही प्रतियोगिताएं
चार दिवसीय सीबीएसई नॉर्थ जोन-2 बालक वर्ग स्विमिंग चैंपियनशिप का आयोजन प्रतिदिन सुबह और शाम दो सत्रों में किया जा रहा है। सुबह के सत्र में क्वालीफाइंग मुकाबले आयोजित होते हैं, जबकि शाम के सत्र में उन्हीं स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले खेले जाते हैं। चैंपियनशिप के दूसरे दिन रविवार को सुबह के सत्र में अंडर-17 वर्ग की 400 मीटर मेडले स्पर्धा में पानीपत के डीएवी पब्लिक स्कूल के देवेश खरब ने 5 मिनट 35 सेकंड 07 मिलीसेकंड का समय लेकर पहला स्थान हासिल किया।
सरसा के सतलुज पब्लिक स्कूल के युपंजोत ने 5 मिनट 43 सेकंड 70 मिलीसेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि रायपुर (सोनीपत) के ब्राइट स्कॉलर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दक्ष ने 5 मिनट 49 सेकंड 02 मिलीसेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं अंडर-19 वर्ग की 400 मीटर मेडले स्पर्धा में फरीदाबाद के आइशर स्कूल के दर्श सिंह ने 5 मिनट 19 सेकंड 27 मिलीसेकंड का समय लेकर पहला स्थान प्राप्त किया। पानीपत के प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल के अरमान राठी ने 5 मिनट 53 सेकंड 87 मिलीसेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि शाह सतनाम जी बॉयज स्कूल, सरसा के हरमीत सिंह इन्सां ने 6 मिनट 09 सेकंड 82 मिलीसेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।