Rupamani Garh: असम की रूपमणि गढ़ ने माउंट एवरेस्ट फतह कर रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली बनी पहली महिला
बोलीं-काफी अच्छा लग रहा, राज्य सरकार ने किया सम्मानित
Rupamani Garh Mount Everest: गुवाहाटी (एजेंसी)। असम की पर्वतारोही रूपमणि गढ़ ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली असम की पहली महिला बन गई हैं। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर राज्य सरकार ने उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने उनके साहस, समर्पण और उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन देने के साथ ही असम पुलिस में नियुक्ति का आश्वासन भी दिया। Rupamani Garh
रूपमणि गढ़ ने अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्वतारोहण की दुनिया में कदम रखते समय ही उन्होंने माउंट एवरेस्ट तक पहुंचने का लक्ष्य तय कर लिया था। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बल पर उन्होंने अपने सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में यह जानकारी मिली कि वह असम की पहली महिला हैं, जिन्होंने एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की है। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में उन्होंने पर्वतारोहण का आधारभूत प्रशिक्षण पूरा किया, जबकि 2025 में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया। एवरेस्ट अभियान से पहले उन्होंने लगभग 7,135 मीटर ऊंची चोटी पर अभ्यास अभियान भी पूरा किया, जिससे कठिन परिस्थितियों का अनुभव मिला और आत्मविश्वास बढ़ा। एवरेस्ट अभियान से पहले लद्दाख के करगिल क्षेत्र में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में देशभर की कई युवा पर्वतारोहियों ने भाग लिया था। चयन प्रक्रिया के बाद सीमित प्रतिभागियों को अंतिम अभियान के लिए चुना गया, जिनमें रूपमणि गढ़ भी शामिल थीं। Rupamani Garh
अभियान की उपनेता और आईटीबीपी की सहायक कमांडेंट भनिता तिमुंगपी ने बताया कि इस महिला अभियान में देश के विभिन्न राज्यों की प्रतिभाशाली पर्वतारोहियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने कठिन परिस्थितियों में साहस और अनुशासन का परिचय दिया तथा उन्हें पहले से विश्वास था कि टीम एवरेस्ट फतह करने में सफल होगी।
मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने दोनों पर्वतारोहियों से मुलाकात कर उनकी उपलब्धि की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन दोनों ने असम का गौरव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। राज्य सरकार ने रूपमणि गढ़ को 10 लाख रुपये तथा भनिता तिमुंगपी को 2 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से राज्य की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियां, साहसिक खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी। Rupamani Garh