दिल्ली के बाद पंजाब में भी उठने लगी मंत्री के इस्तीफे की माँग, मुख्यमंत्री ने किया खारिज
पेपर लीक मामले पर भी दी सफाई, कहा, नकल की कोशिश हुई थी, हमने तो नकल रोकी
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: दिल्ली में धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के बाद अब पंजाब में भी एक कैबिनेट मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा गरमाने लगा है। फामेर्सी परीक्षा के दौरान नकल की कोशिश के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्रियों पर विपक्षी दलों और सोशल मीडिया की ओर से इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस्तीफे की माँग को गलत बताते हुए कहा कि यह मामला चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित है और इस तरह उन्होंने संकेत दिया कि यह विषय कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के विभाग से जुड़ा है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकार का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ और नकल करने वालों के खिलाफ पुलिस ने समय रहते सख्त कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले पंजाब में फामेर्सी की एक परीक्षा के दौरान कुछ विद्यार्थी एक सरकारी स्कूल में डिजिटल माध्यम से नकल करने की कोशिश कर रहे थे। पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामला काफी हद तक शांत हो गया था, लेकिन दिल्ली में नीट मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पंजाब में भी इस फामेर्सी परीक्षा प्रकरण को लेकर फिर से इस्तीफे की माँग उठने लगी है।
इस मामले में शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस से इस्तीफा मांगा जा रहा था। बैंस ने कहा कि फामेर्सी का पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि केवल नकल करने की कोशिश की गई थी, जिसे सरकार ने सतर्कता दिखाते हुए रोक दिया। उन्होंने कहा कि फामेर्सी शिक्षा विभाग उनके अधीन नहीं आता, बल्कि यह चिकित्सा शिक्षा विभाग का विषय है और वह उस विभाग के मंत्री भी नहीं हैं।
हरजोत बैंस का स्पष्ट संकेत डॉ. बलबीर सिंह की ओर था। बैंस ने कहा कि सभी कैबिनेट मंत्री सरकार का हिस्सा हैं और सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर गलत प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल को रोककर सही कार्य किया है। इसी दौरान एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में पंजाब में एक भी पेपर लीक का मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भर्ती और परीक्षाओं के मामलों में सबसे अधिक सख्ती से काम कर रही है।
