धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे: भरत चौधरी
भरत चौधरी का विपक्ष पर हमला, बोले-मुद्दा विहीन है विपक्ष
देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने सोमवार को धार्मिक आस्था, संसद के मानसून सत्र, बिजली की बढ़ती मांग, प्राकृतिक आपदाओं की तैयारियों और विपक्ष की भूमिका सहित कई समसामयिक विषयों पर सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर निरंतर कार्य कर रही हैं, जबकि विपक्ष रचनात्मक विमर्श के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में अधिक व्यस्त दिखाई देता है। Uttarakhand News
धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों पर मंत्री ने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उनके अनुसार, समाज में सौहार्द और पारस्परिक सम्मान बनाए रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और विवादित नारों के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार देता है, लेकिन इस अधिकार का प्रयोग संविधान और कानून की मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना आवश्यक है। Uttarakhand News
संसद के मानसून सत्र का उल्लेख करते हुए भरत चौधरी ने कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभिन्न दल राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सकारात्मक सहयोग करेंगे, जिससे आवश्यक विधायी कार्य समय पर पूरे हो सकें। राज्य में बिजली की बढ़ती मांग पर मंत्री ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और विकास कार्यों के कारण ऊर्जा की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विषय पर केंद्र सरकार से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का आग्रह किया है और इस दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है। उनका कहना था कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने पर भी काम कर रही है। Uttarakhand News
मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार राहत एवं बचाव तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखे हुए है। सड़क संपर्क बहाल करने, प्रभावित क्षेत्रों तक शीघ्र सहायता पहुंचाने तथा एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। उनका कहना था कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है।
विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने कहा कि जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर ठोस कार्य चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास रचनात्मक एजेंडा नहीं है और वह जनहित के विषयों के बजाय राजनीतिक आलोचना तक सीमित है। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार विकास और जनसेवा के अपने एजेंडे पर आगे बढ़ती रहेगी। Uttarakhand News