Haryana: हरियााणा के इन सरपंचों को स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी करेंगे सम्मानित, जानें…

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Haryana:  नारनौल(सच कहूँ/विजय कौशिक)। स्वच्छ भारत मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए हरियाणा के 4 गांवों के सरपंचों को पीएम नरेंद्र मोदी सम्मानित करेंगे। इन सरपंचों में महेंद्रगढ़ जिले के अटेली ब्लॉक के गांव नीरपुर राजपूत के सरपंच रतन पाल चौहान भी शामिल है। उन्हें नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह-2025 देखने के लिए “भारत सरकार के विशेष अतिथि” के रूप में आमंत्रित किया। ग्रामीण विकास विभाग हरियाणा द्वारा 2025 में स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए हरियाणा से चार सरपंचों और उनके जीवनसाथी को नामित किया गया है।

दरअसल 13 अगस्त को यह चारों सरपंच दिल्ली स्थित हरियाणा भवन पहुंचेंगे और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली में सम्मानित करेंगे। गांव नीरपुर राजपूत के सरपंच रतन पाल चौहान को यह सम्मान उन्हें गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए दिया जा रहा है। सरकार की ओर से उन्हें नियुक्ति पत्र मिल चुका है। सरपंच रतन पाल चौहान को इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी सम्मानित कर चुके हैं।
सरपंच रतन पाल चौहान ने बताया कि गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। गांव में जल संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। नालियों के पानी को एक जगह एकत्रित करके बागवानी और पौधों की सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।

सम्मानित होने वाले तीन अन्य सरपंच | Haryana

भिवानी के सिवानी खंड के शेरपुरा गांव की महिला सरपंच सुमित्रा देवी : सरपंच सुमित्रा देवी ने गांव में एक एकड़ भूमि पर सुंदर पार्क और ओपन जिम बनवाया। फिरनी का निर्माण कराया, नालियों के पानी के निस्तारण हेतु सोखते गड्ढे बनवाए। पूरे गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाई गई और कचरा प्रबंधन की उत्तम व्यवस्था की गई।

बहादुरपुर गांव के सरपंच रविंद्र सिंह बांकुरा

इन्होंने गांव की जोहड़ के जल को खेतों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डलवाई, जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ। स्कूल परिसर में पांच लाख की लागत से पार्क और ट्रैक बनवाया, हर घर से कचरा उठवाने की प्रणाली विकसित की, जिससे गांव पूरी तरह से स्वच्छ बना।

करनाल जिले के नीलोखेड़ी खंड के सुल्तानपुर गांव के सरपंच जसमेर सिंह

इन्होंने जोहड़ को ‘फाइव पाउंड’ योजना के तहत विकसित कर नालियों के पानी को शुद्ध कर संरक्षित किया। स्वयं प्रतिदिन दो घंटे सफाई कर मिसाल पेश की। ग्राम सचिवालय को प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ बनवाया, और पूरे गांव में सफाई की मिसाल कायम की। इन सरपंचों के कार्य न केवल प्रशंसनीय हैं, बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। सरकार द्वारा इनका सम्मान एक सकारात्मक संदेश है कि जब स्थानीय नेतृत्व संकल्प के साथ आगे बढ़ता है, तो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकती है

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