किसानों के संघर्ष के आगे झुका रेलवे विभाग, जाखल-तलवाड़ा रोड पर खुला अस्थायी फाटक
रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज निर्माण से बंद हुआ रास्ता बना परेशानी का सबब; कई दौर की मांग
जाखल, सच कहूँ/तरसेम सिंह। Jakhal News: जाखल में रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के चलते प्रभावित हुए जाखल-तलवाड़ा रोड के रास्ते को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। किसान संगठनों, ग्रामीणों और व्यापारियों की लगातार कोशिशों, प्रशासन व रेलवे अधिकारियों के साथ बातचीत तथा रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी के बाद जाखल-तलवाड़ा रोड पर अस्थायी रेलवे फाटक और वैकल्पिक रास्ता शुरू कर दिया गया है। रास्ता खुलने से तलवाड़ा सहित आसपास के गांवों के किसानों, ग्रामीणों और मंडी व्यापारियों को राहत मिली है। खुशी जाहिर करते हुए किसानों ने लड्डू बांटे और जिला प्रशासन का आभार जताया।
ओवरब्रिज-अंडरब्रिज निर्माण से बढ़ी परेशानी
जाखल जंक्शन पर रेलवे ओवरब्रिज संख्या 167 और रेलवे अंडरब्रिज संख्या 169 का निर्माण कार्य चलने के कारण अनाज मंडी की ओर जाने वाला प्रमुख रास्ता प्रभावित हुआ था। इससे तलवाड़ा और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। किसानों के लिए खेतों से धान की फसल मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा था, वहीं आढ़तियों, चावल मिल संचालकों, व्यापारियों और अन्य लोगों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा था।
धान खरीद का सीजन शुरू होने के कारण रास्ते की समस्या और गंभीर हो गई। किसानों का कहना था कि फसल मंडियों तक पहुंचाने के लिए सुगम रास्ता बेहद जरूरी है। इसी को लेकर किसान संगठनों और क्षेत्रवासियों ने अस्थायी रास्ता खोलने की मांग उठाई।
किसान संगठनों ने लगातार उठाई आवाज
वैकल्पिक रास्ते की मांग को लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां सहित किसान संगठनों ने आवाज उठाई। इस मुद्दे पर 15 सदस्यीय कमेटी के माध्यम से भी अधिकारियों के समक्ष मांग रखी गई। किसान संगठनों ने व्यापारियों, आढ़तियों, दुकानदारों और क्षेत्र के अन्य लोगों के साथ मिलकर रास्ते की समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए।
इससे पहले मांग को लेकर बाजार बंद रखने और विरोध मार्च जैसे कदम भी उठाए गए थे। क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया था कि रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। अस्थायी फाटक को मंजूरी दिलाने के लिए सांसद सुभाष बराला द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष भी मामला उठाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अधिकारियों से बातचीत के बाद भी नहीं निकला तत्काल समाधान
रास्ते की समस्या को लेकर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के साथ कई बार बातचीत की। जिला प्रशासन की ओर से भी किसानों की परेशानी को दूर करने के लिए प्रयास किए गए। उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के मार्गदर्शन में एसडीएम आकाश शर्मा और अन्य अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया।
हालांकि, रास्ता शुरू होने में देरी के कारण किसानों और ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती गई। किसानों का कहना था कि धान खरीद के महत्वपूर्ण समय में रास्ता उपलब्ध नहीं होने से उन्हें आर्थिक और व्यावहारिक परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
रेल ट्रैक जाम करने की चेतावनी के बीच बढ़ा दबाव
अस्थायी रास्ता खुलवाने की मांग पूरी नहीं होने पर किसान संगठनों और क्षेत्रवासियों ने रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी। इसके बाद जाखल रेलवे स्टेशन पर किसानों और अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। एक समय स्थिति ऐसी भी बनी कि किसान रेलवे पटरियों पर बैठ गए, जिससे दिल्ली-श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस और हिसार-लुधियाना यात्री ट्रेन का आवागमन प्रभावित हुआ।
मौके पर पहुंचे टोहाना के डीएसपी जयभगवान ने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाकर समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इस हस्तक्षेप के बाद रेल मार्ग खोल दिया गया, लेकिन किसानों ने अस्थायी रास्ते की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का रुख अपनाया।
24 अक्टूबर को शुरू हुआ अस्थायी रेलवे फाटक
लगातार उठ रही मांग और प्रशासन व रेलवे विभाग के बीच समन्वय के बाद 24 अक्टूबर को जाखल-तलवाड़ा रोड पर अस्थायी रेलवे फाटक और वैकल्पिक सड़क मार्ग शुरू कर दिया गया। इससे तलवाड़ा गांव की कनेक्टिविटी बहाल हुई और आसपास के गांवों के लोगों को भी आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता मिल गया।
एसडीएम आकाश शर्मा के अनुसार, उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, रेलवे विभाग, संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों और किसानों के सहयोग से यह व्यवस्था संभव हुई। उन्होंने कहा कि अस्थायी फाटक शुरू होने से किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और निर्माण कार्य पूरा होने तक आवागमन सुचारू रखने में मदद मिलेगी।
किसानों ने लड्डू बांटकर जताई खुशी
अस्थायी रास्ता शुरू होने पर पूर्व सरपंच नवजोत सिंह विक्की, समाजसेवी आदित्य बंसल, पगड़ी संभाल जट्टा किसान संगठन के जाखल प्रधान लाभ सिंह उदयपुर, संगठन के सचिव हरविंदर सिंह, बलकार सिंह, नसीब सिंह, नवजोत सिंह, नानक सिंह और रसविंद्र सहित अन्य किसानों ने जिला प्रशासन का आभार जताया।
किसानों ने कहा कि वैकल्पिक रास्ता खुलने से तलवाड़ा और आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेष रूप से धान की फसल मंडियों तक पहुंचाने में होने वाली परेशानी कम होगी। किसानों ने रास्ता शुरू होने की खुशी में लड्डू बांटकर अपनी खुशी जाहिर की।
निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक व्यवस्था अहम
जाखल-तलवाड़ा रोड पर अस्थायी फाटक शुरू होने से फिलहाल क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है। हालांकि, स्थायी समाधान रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण कार्य पूरा होने तथा यातायात व्यवस्था सामान्य होने से जुड़ा है। तब तक अस्थायी रास्ता किसानों, ग्रामीणों और मंडी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
किसानों की लगातार मांग, संगठित प्रयास और प्रशासन-रेलवे के समन्वय से रास्ता खुलने को क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।