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Eye Donation: हरिगढ़ भोरख की सचखंडवासी बलविंद्र कौर बनी प्रेरणादायक उदाहरण
बलविंद्र कौर मरणोपरांत दो जिंदगियों में भर गई उजाला
Eye Donation: पिहोवा (सच कहूँ/जसविन्द्र)। ...कहते हैं कि इंसान इस दुनिया से चला जाता है, लेकिन उसके अच्छे कर्म हमेशा उसे लोगों के बीच जीवित रखते हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण हरिगढ़ भोरख निवासी 85 वर्षीय सचखंडवासी बलविंद्र कौर ने पेश किया। बीमारी के चलते 5 अक्तूबर को उनका निधन हो गया। बलविंद्र कौर जाते-जाते दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में उजाला करने की उम्मीद छोड़ गईं। बलविंद्र कौर ने जीते जी डेरा सच्चा सौदा में नेत्रदान करने का फार्म भरा हुआ था। ऐसे में उनकी मृत्यु के बाद परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा में संपर्क किया।
ऐसे में परिजनों ने अपर्णा आई बैंक, अपर्णा रिसर्च एंड चैरिटी ट्रस्ट, मधुबन करनाल में बलविंद्र कौर की आंखों का दान किया गया। आई बैंक की चिकित्सकीय टीम ने पहुंचकर बलविंद्र कौर की आंखें दान के लिए सुरक्षित कीं। बलविंद्र कौर की आंखें किसी ऐसे व्यक्ति की जिंदगी में उजाला लाएंगी, जिसने शायद कभी दुनिया को अपनी आंखों से देखने की उम्मीद छोड़ दी हो।
परिवार के सदस्यों ने इस पुनीत कार्य के लिए पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का आभार व्यक्त किया। वे अपने पीछे पुत्र बलजीत सिंह, सलिंद्र कुमार व मनोज कुमार को छोड गए हैं। इस मौके पर सच्चे नम्र सेवादार जिंदर इन्सां, लाभ सिंह इन्सां, बलजीत सिंह, सलिंद्र कुमार, मनोज कुमार, बीरा राम, मुख्त्यार सिंह, संगम सैनी, बलराज सिंह, रोबिन गर्ग, रेनू बाला, सोनिया व नीलम मौजूद रही।