डबवाली के सचखंडवासी प्रेमचंद इन्सां मरणोपरांत अपनी देह भी मेडिकल शोध के लिए दान कर चले

चुन्नीलाल के लाल की अंतिम यात्रा में गूंजे मानव सेवा के नारे

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डबवाली/सरसा (सच कहूँ/सुभाष)। डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की शिक्षाओं पर चलते हुए जीते-जी जहां रक्तदान, पौधारोपण सहित 175 मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी रहती है, वहीं मरणोपरांत भी अमर सेवा मुहिम के तहत देहदान व ज्योतिदान मुहिम के तहत नेत्रदान कर इंसानियत की सेवा कर रही है। Dabwali News

इसी कड़ी में डबवाली की संतोषी माता मंदिर गली निवासी प्रेमचंद इन्सां पुत्र चुन्नीलाल के मरणोपरांत परिवार की सहमति से उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल रिसर्च हेतु केएमसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, महुवा, महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) में दान किया गया। प्रेमचंद इन्सां के पुत्र राजिंदर कुमार ने बताया कि उनके पिता सदैव मानवता सेवा के प्रति समर्पित रहे और परिवार ने उनकी इसी भावना को आगे बढ़ाने के लिए देहदान का निर्णय लिया। अंतिम विदाई से पूर्व सचखंडवासी के आवास पर बेनती का शब्द बोला गया, जिसके बाद फूलों से सजी एम्बुलेंस में उनकी पार्थिव देह को रखा गया।

इस दौरान वातावरण भावुक होने के साथ प्रेरणादायक भी रहा। जब तक सूरज-चांद रहेगा, प्रेमचंद इन्सां तेरा नाम रहेगा जैसे नारों के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस अवसर पर शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों सहित ब्लॉक प्रेमी सेवक गोबिंद इन्सां, गिरधर इन्सां, प्यारेलाल सेठी इन्सां, गुरसेवक इन्सां, ललित इन्सां, दीनदयाल इन्सां, संदीप इन्सां, सीताराम, पप्पू सिंगला, शीला इन्सां, कांता इन्सां, राधा इन्सां, रानी इन्सां, परवीन इन्सां, वीना इन्सां, कैलाश देवी सहित अनेक श्रद्धालु एवं सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार मौजूद रहे। Dabwali News

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