‘अपना घर भी होगा यह तो कभी सोचा भी न था’

अब गुरमिन्द्र सिंह को नहीं सताएगी हर माह घर का किराया भरने की चिंता, ब्लॉक बठिंडा के सेवादारों ने जरूरतमंद परिवार को बनाकर दिया ‘आशियाना’ 

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बठिंडा (सच कहूँ/सुखनाम)। Aashiyana Muhim: अपना और पक्का घर बनने के बाद खुशी में भावुक होकर गुरमिन्द्र सिंह ने कहा कि बुजुर्ग मां, अविवाहित और मानसिक रूप से विक्षिप्त बहन, और अन्य पारिवारिक जिम्मेवारियों के बोझ में, मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि किरायेदार से कभी मैं भी अपने पक्के मकान का मालिक बन पाऊंगा। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल था, वे किराये के मकाने में रह रहे थे।

गरीबी के कारण किराया भरने की चिंता उन्हें हर समय सताती रहती थी। जानकारी के अनुसार ब्लॉक बठिंडा के एरिया श्री गुरु गोबिंद सिंह नगर में किराये के मकान में रहने वाले गुरमिन्द्र सिंह, मूल निवासी जोगा नंद सरहिंद नहर के पास चाय-दूध का खोखा लगाकर मुश्किल से अपना और परिवार का गुजारा कर रहे थे। उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है और एक बहन जो कि मानसिक रूप से विक्षिप्त है, उसकी शादी नहीं हुई है, इसके अलावा बुजुर्ग मां और सुनने में असमर्थ पिता का वह एकमात्र सहारा हैं। गुरमिन्द्र सिंह के घर के दयनीय हालातों के बारे में जब सच्ची बागबानी समिति के जिम्मेवार सेवादार कृष्ण इन्सां को पता चला, तो उन्होंने ब्लॉक बठिंडा के जिम्मेवार सेवादारों से इस संबंधी बात की और जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए कहा। इसके बाद डेरा सच्चा सौदा, सरसा में हेल्पलाइन से संपर्क किया गया।

घरेलू आर्थिक तंगी को देखते हुए, ब्लॉक बठिंडा के एरिया थर्मल कॉलोनी और श्री गुरु गोबिंद सिंह नगर की साध-संगत के नेतृत्व में ब्लॉक बठिंडा के विभिन्न एरिया के सेवादारों ने गुरमिन्द्र सिंह के मकान को बनाने का बीड़ा उठाया और देखते ही देखते कुुछ ही समय में पूरा घर बनकर तैयार हो गया।  इस मौके पर गुरमिन्द्र सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां व सेवादारों का इस नेक कार्य के लिए तहेदिल से धन्यवाद किया। सेवादारों के साथ अपने मकान के निर्माण में लगे गुरमिन्द्र और उनका पूरा परिवार बहुत खुश दिखाई दे रहा था। वहीं आसपास के लोगों भी डेरा श्रद्धालुओं की इस नि:स्वार्थ भावना की खुलकर सराहना की। गुरमिन्द्र सिंह ने कहा कि मैं हमेशा इनका ऋणी रहंूंगा। इनका धन्यवाद करता हूँ और पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का तहेदिल से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने सेवादारों को जरूरतमंदों की मदद करने की इतनी नेक और पवित्र शिक्षा दी है।

देश हो या विदेश बस एक ही उद्देश्य मानवता की सेवा: गुरकमल इन्सां (ऑस्ट्रेलिया)

ब्लॉक बठिंडा की साध संगत द्वारा गाँव जोगा नंद में एक जरूरतमंद परिवार को मकान बनाकर देने के दौरान सेवादार गुरकमल इन्सां, जो कि आॅस्ट्रेलिया के शहर मेलबर्न में रहते हैं, ने सेवा में अपनी भागीदारी देते हुए कहा कि विदेश में रहने वाले डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्य कर अपने मुर्शिद-ए-कामिल के वचनों पर फूल चढ़ा रहे हैं। आज यहाँ भी साध संगत के साथ सेवा कार्य करके दिल को बहुत शांति मिल रही है।

Bathinda

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