माखोसरानी में डॉ. सिद्धांत आहुजा ने बताए महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी-चौपटा के द्वारा गांव माखोसरानी के राजकीय हाई स्कूल में एचपीवी टीकाकरण अभियान

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चौपटा (सच कहूँ/राजेश बैनीवाल)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी-चौपटा के द्वारा गांव माखोसरानी के राजकीय हाई स्कूल में सोमवार को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) गए। यह अभियान बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में किशोरियों ने भाग लिया। टीकाकरण अभियान का शुभांरभ नाथूसरी चौपटा के बीडीपीओ डा. स्टालीन सिद्धार्थ सचदेवा व गांव के सरपंच सुभाष कासनियां ने किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों को टीके के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है और शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। Sirsa News

Dr.Siddhantयह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम करता है। किशोरावस्था में लगाया गया टीका अधिक प्रभावी माना जाता है। बीडीपीओ डा. स्टालीन सिद्धार्थ सचदेवा ने बताया कि समय पर टीकाकरण से महिलाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके। इस अवसर पर डा. शीतल, एनएनएम सुमन देवी, एमपीएचडब्ल्यू कुलदीप, आशा वर्कर कलावती, संतोष, सुमन व अन्य गांव के ग्रामीण मौजूद रहे। 

क्या है एचपीवी वायरस

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी चौपटा के प्रभारी डा. सिद्धांत आहुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि एचपीवी एक वायरस है जो मुख्य रूप से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर  का प्रमुख कारण बनता है। यह संक्रमण अक्सर बिना किसी लक्षण के फैलता है और समय के साथ गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। इसी कारण कम उम्र में ही इस वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस 200 से अधिक वायरसों का एक समूह है, जो त्वचा और जननांगों को संक्रमित करता है। हालांकि अधिकांश संक्रमण अपने आप ठीक हो जाते हैं, कुछ प्रकार जननांगों में कैंसर (विशेषकर सर्वाइकल कैंसर) का कारण बन सकते हैं।

एचपीवी टीके के बारे में लोगों में भ्रांतियां पाले बैैठे हैं जिसमें से कुछ इस प्रकार हैं-ं
  • छोटे बच्चों को एचपीवी टीकाकरण की आवश्यकता नहीं होती है।
  • अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में अवश्य शामिल कराएं।
  • एचपीवी वैक्सीन से बांझपन की समस्या पैदा हो सकती है।
  • एचपीवी का टीका केवल किशोरियों और महिलाओं के लिए है एचपीवी वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर की घटनाओं में कमी नहीं आती है।
  • एचपीवी के टीके सुरक्षित नहीं हैं। एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति को एचपीवी टीकाकरण की आवश्यकता नहीं होती है।

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