Mobile Impact: ज्यादा देर तक मोबाइल व टीवी देखना बन रहा बच्चों के विकास के लिए खतरा? जानिए इसके गंभीर परिणाम

स्वास्थ्य और मानसिक विकास हो रहा प्रभावित

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नई दिल्ली। आधुनिक जीवनशैली में तकनीकी साधनों का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिसका प्रभाव अब बच्चों की दिनचर्या पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मोबाइल फोन, टेलीविजन और टैबलेट जैसे उपकरण आज बच्चों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं। परिणामस्वरूप, बाल्यावस्था में बढ़ता स्क्रीन समय एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। अनेक अभिभावक सुविधा के लिए बच्चों को डिजिटल उपकरणों में व्यस्त रहने देते हैं, जिससे वे शांत बने रहें। किन्तु यह तात्कालिक सुविधा बच्चों के समग्र विकास में बाधक सिद्ध हो सकती है। Mobile Impact

अत्यधिक स्क्रीन उपयोग धीरे-धीरे आदत और फिर निर्भरता का रूप ले लेता है, जिसका प्रभाव उनके व्यवहार और स्वास्थ्य पर पड़ता है। पहले जहाँ बच्चे खुली हवा में खेलकूद, जैसे क्रिकेट, दौड़ या साइकिल चलाने में समय बिताते थे, वहीं अब उनका अधिकांश समय आभासी दुनिया में बीतने लगा है। इस परिवर्तन के कारण शारीरिक गतिविधियों में कमी आई है, जिससे बच्चों में मोटापे की समस्या, शीघ्र थकान तथा दृष्टि संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक स्क्रीन देखने से नींद की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है, जो मानसिक एवं शारीरिक विकास को प्रभावित करती है। केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक विकास पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

लगातार स्क्रीन पर रहने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता घटती है, पढ़ाई में रुचि कम होती है तथा चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक संपर्क में कमी और वास्तविक जीवन से दूरी भी देखी जा रही है, जो बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है। हालाँकि, यह कहना उचित नहीं होगा कि तकनीक पूर्णतः हानिकारक है। शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों ने अनेक नए अवसर प्रदान किए हैं। ऑनलाइन कक्षाएँ, शैक्षिक सामग्री और इंटरनेट के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया अधिक सुलभ हुई है।

समस्या तब उत्पन्न होती है जब इसका उपयोग संतुलित न रहकर अत्यधिक हो जाता है। ऐसी स्थिति में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। बच्चों के स्क्रीन समय को नियंत्रित करना, उन्हें खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना तथा परिवार के साथ समय बिताने की आदत विकसित करना आवश्यक है। प्रतिदिन कुछ समय बाहरी वातावरण में खेलना, पुस्तकों का अध्ययन करना अथवा कला-संबंधी गतिविधियों में भाग लेना बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है। Mobile Impact  

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