दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 48 घंटों में की बड़ी कार्रवाई, जाली परमिट व छेड़छाड़ वाले 3 मामले किये उजागर

‘नो एंट्री परमिट’ मामलों में तीन एफआईआर दर्ज

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में यातायात नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने हेतु दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक अभियान चलाते हुए बीते 48 घंटों में तीन महत्वपूर्ण मामलों का पर्दाफाश किया है। इन घटनाओं में नकली ‘नो एंट्री परमिट’ का उपयोग तथा वाहनों के अभिलेखों में छेड़छाड़ जैसी गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। संबंधित सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। Delhi News

पहली घटना तिलक मार्ग क्षेत्र की है। 27 अप्रैल 2026 की संध्या के समय पटियाला हाउस कोर्ट के समीप एक वाहन को नियम उल्लंघन के संदेह में रोका गया। परीक्षण के दौरान उस पर प्रदर्शित ‘नो एंट्री परमिट’ को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से जांचने पर वह असत्य सिद्ध हुआ। वाहन चालक, जो उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद का निवासी बताया गया, इस जाली दस्तावेज का उपयोग कर रहा था। पुलिस ने वाहन को जब्त कर आवश्यक धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया। दूसरा प्रकरण संसद क्षेत्र के अंतर्गत सामने आया।

रात्रि जांच के दौरान शंकर चौक पर रोके गए एक अन्य वाहन के परमिट की जांच करने पर यह ज्ञात हुआ कि वह किसी भिन्न वाहन के लिए निर्गत किया गया था। चालक ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने यह फर्जी परमिट धनराशि देकर एक व्यक्ति से प्राप्त किया था। इस संबंध में मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला पंजीकृत कर जांच आरंभ कर दी गई है। तीसरी घटना कनॉट प्लेस क्षेत्र की है, जहाँ नियमित निरीक्षण के दौरान एक ऑटो-रिक्शा के चेसिस एवं इंजन क्रमांक अभिलेखों से भिन्न पाए गए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि वाहन के मूल स्वरूप में अवैध परिवर्तन कर नकली नंबर प्लेट का उपयोग किया जा रहा था।

पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई हेतु संबंधित थाने को सौंप दिया। प्राधिकारियों के अनुसार, आधुनिक ई-चालान प्रणाली और त्वरित सत्यापन तकनीक के कारण ऐसे अनियमितताओं का पता लगाना अब अधिक सरल हो गया है। साथ ही नागरिकों को आगाह किया गया है कि वे किसी भी प्रकार के जाली दस्तावेजों का उपयोग न करें तथा वाहन से संबंधित सभी अनुमतियाँ अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें, अन्यथा कठोर कानूनी दंड का सामना करना पड़ सकता है। Delhi News

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