Body Donation: गगनचुंबी इलाही नारों के साथ ओढ़ां के शरीरदानी सुरेंद्र इन्सां को साध-संगत ने दी अंतिम विदाई

फूलों से सजी गाड़ी में किया ओढ़ां के 8वें शरीरदानी सुरेंद्र इन्सां को रुखसत

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Body Donation: ओढ़ां/सरसा (सच कहूँ/राजू)। एक वो समय था जब लोग शरीरदान तो क्या रक्तदान करने से भी हिचकिचाते थे। ऐसे में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए लाखों डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों ने आगे आकर मरणोपरांत शरीरदान करने के प्रतिज्ञा पत्र भरकर संकल्प लिया। इस मुहिम पर चलते हुए हजारों डेरा अनुयायियों के शरीर दान हो चुके हैं। विशेष बात ये है कि शरीरदान करने वाला व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से जीते जी अपने परिजनों को उसका शरीरदान करने का संकल्प याद करवा के जाता है।

इसी कड़ी में गांव ओढ़ां निवासी 65 वर्षीय प्रेमी सुरेंद्र इन्सां की मृत देह मेडिकल शोध कार्यांे हेतु दान कर दी गई। प्रेमी सुरेंद्र इन्सां पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने सोमवार सांय अंतिम सांस ली। सुरेन्द्र इन्सां ने पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम शब्द लेकर अपने पूरे परिवार को डेरा सच्चा सौदा से जोड़ा। वे मानव सेवा हेतु गठित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य थे। उनके पुत्र बंसी लाल इन्सां व राकेश इन्सां ने बताया कि उनके पिता ने पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए मरणोपरांत शरीरदान करने का संकल्प लिया हुआ था। उनके पिता ने उन्हें समय रहते ही अवगत करवा दिया था कि उनके मरणोपरांत उनके शरीर को मेडिकल शोध कार्यांे हेतु दान करना है।

इसी के चलते मंगलवार को उनके मरणोपरांत उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध कार्यांे हेतु रामां मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, हापुड़ (उत्तरप्रदेश) को दान कर दी गई। सच्चे नम्र सेवादार मुलखराज इन्सां व ब्लॉक प्रेमी सेवक सुखमंदर इन्सां ने बताया कि प्रेमी सुरेंद्र इन्सां का पूरा परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा है। सुरेंद्र इन्सां जाते जाते शरीरदान के रूप में जो महादान करके गए हैं इसके लिए वे हमेशा स्मरणीय रहेंगे

पार्थिव देह को फूलों से सजी एम्बुलेंस में किया रवाना

सुरेंद्र इन्सां को अंतिम विदाई देने हेतु उनके परिजन एवं रिश्तेदार व गणमान्य लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सदस्य पहुंचे। प्रेमी सुरेंद्र इन्सां की पार्थिव देह को फूलों से सजी गाड़ी में पुष्पवर्षा एवं इलाही नारों के साथ रुखसत किया गया। इससे पूर्व डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत उनकी अर्थी को कंधा उनकी बेटी रेखा इन्सां व बहनें पम्मी, उषा व बीरी देवी ने दिया। प्रेमी सुरेंद्र इन्सां गांव ओढ़ां के 8वें शरीर दानी के रूप में हमेशा स्मरणीय रहेंगे।

डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी समय-समय पर समाज हित में कार्य करते रहते हैं। प्रेमी सुरेंद्र अरोड़ा के परिजनों ने उनका मृत शरीर मेडिकल शोध के लिए दान कर बहुत ही नेक कार्य किया है। इससे मेडिकल के विद्यार्थियों को शिक्षा में काफी सहयोग मिलेगा। वैसे ही मरने के बाद इस शरीर को अग्नि में जला ही दिया जाता है। क्यों न हो इस शरीर को जलाने की बजाय इसे इंसानियत हित में दान किया जाए, ताकि ये शरीर हमेशा के लिए अमर हो जाए। इससे बड़ा और दान क्या हो सकता है।
- संदीप सिंह, ग्राम सरपंच

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