BPL Ration Card: बीपीएल राशन कार्ड में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जानिये...

BPL Ration Card: हरियाणा में BPL राशन कार्ड धारकों को मिल सकता है ज्यादा राशन, नायब सरकार बना रही बड़ा प्लान

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BPL Ration Card:  प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा की नायब सरकार गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को मिलने वाले राशन की मात्रा बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की एक विशेष टीम उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों का दौरा करेगी। टीम यह अध्ययन करेगी कि इन राज्यों में गरीब परिवारों को किस प्रकार और कितनी मात्रा में खाद्य सामग्री वितरित की जाती है।

दूसरे राज्यों की रिपोर्ट के आधार पर होगा फैसला | BPL Ration Card

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। यदि अध्ययन में यह सामने आता है कि अन्य राज्यों में गरीब परिवारों को गेहूं के अलावा चना, दाल या अन्य खाद्य सामग्री भी दी जा रही है, तो हरियाणा सरकार भी ऐसी व्यवस्था लागू करने पर विचार कर सकती है।

इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने विभागीय अधिकारियों को विस्तृत अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश हाल ही में सभी जिलों के खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में जारी किए गए।

सरकार क्यों कर रही है यह पहल?

सरकार का उद्देश्य केंद्र की 'एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड' योजना को और प्रभावी बनाना है, ताकि लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और अन्य राज्यों की अच्छी व्यवस्थाओं को हरियाणा में भी लागू किया जा सके।

हरियाणा में कितने लोगों को मिलता है राशन?

प्रदेश में बीपीएल और अंत्योदय श्रेणी के करीब 40 लाख राशन कार्ड हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत हर महीने लगभग 1.57 करोड़ लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें करीब 2.86 लाख अंत्योदय परिवार और 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं।

फिलहाल क्या मिलता है राशन?

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम गेहूं निशुल्क दिया जाता है, जबकि बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम गेहूं मुफ्त मिलता है। इसके अलावा सरसों का तेल और चीनी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाती है। राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि कुछ राज्यों में गरीब परिवारों को चना और दाल जैसी अतिरिक्त खाद्य सामग्री भी दी जा रही है। इसी वजह से अधिकारियों को अन्य राज्यों की वितरण व्यवस्था का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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