Insaniyat Campaign: अपनों से बिछड़ा 'छोटू', डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की मदद से जल्द परिवार से मिलेगा

इंसानियत मुहिम के तहत डेरा अनुयायी बेसहारा लोगों के लिए बन रहे सहारा, तलाश में जुटे सेवादार

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Insaniyat Campaign: संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। सड़कों की धूल फांकते और अपनों के प्यार के लिए तरसते बेसहारा मानसिक रोगियों की जिंदगी में सेवा की एक नई किरण चमकी है। हनुमानगढ़ रोड पर बदहाली की मार झेल रहे एक बेबस युवक को आज इंसानियत का आशियाना मिल गया है। डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने "इंसानियत" मुहिम के तहत ममता और परोपकार की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने हर संवेदनशील आंख को नम कर दिया है। Sangaria News

हनुमानगढ़ रोड पर एक लगभग 25 साल का युवक जिंदगी की बेरुखी से हारकर भटक रहा था। वह मानसिक रूप से इतना परेशान था कि उसे खुद की कोई सुध नहीं थी। जैसे ही इस बेसहारा जिंदगी की सूचना शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों को मिली, उन्होेंने मदद के लिए हाथ बढ़ाया।

सेवादार लाल चंद इन्सां, महेश इन्सां और सुभाष गोदारा इन्सां तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस को इस बात की सूचना दी और उस युवक को एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र, संगरिया लेकर आए। इस पुनीत कार्य में भाई लालचंद इन्सां, महेश गोयल इन्सां, लवली गर्ग इन्सां, संदीप बाघला इन्सां, पवन इन्सां, विजय चुघ इन्सां, अमरा राम इन्सां, सुखदेव इंसा और सुरेन्द्र जग्गा इन्सां शामिल रहे।

सेवादारों ने की देखभाल

मानवता भलाई केंद्र में आते ही सेवादारों ने उस युवक को अपने परिवार के सदस्य की तरह उसकी देखभाल की। उसके बिखरे बालों को संवारा, कटिंग और शेव की, उसे नहलाया और साफ-सुथरे कपड़े पहनाए। जब उसे अपनेपन का अहसास हुआ, तो उसकी खामोश जुबान भी बोल पड़ी। उसने रुंधे गले से अपना नाम 'छोटू' बताया और खुद को झारखंड का रहने वाला कहा। Sangaria News

एक मां अपने बेटे के लिए तड़प रही होगी, एक परिवार अपनी इस आंख के तारे को ढूंढ़ रहा होगा। अगर आपके पास इस युवक के बारे में कोई भी छोटी या बड़ी जानकारी हो, तो कृपया नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करके एक बिखर चुके परिवार को दोबारा बसाने में मददगार बनें 94137-14295 94135-14414 80056-30276।

सैकड़ों बिछुड़ों को परिवार से मिला चुके सेवादार

सेवादार महेश इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से संगरिया ब्लॉक के सेवादार अब तक सैकड़ों ऐसे गुमशुदा, बेसहारा और मानसिक रूप से बीमार भाई-बहनों और बच्चों का इलाज करवा चुका है। उन्हें उनके अपनों से मिलाकर उनके सूने घरों को फिर से खुशियों से भरा है। फिलहाल, छोटू को सोशल मीडिया और पुलिस प्रशासन के जरिए उसके माता-पिता और भाई-बहनों से मिलाने की कोशिशें जारी हैं। जब तक छोटू के अपनों का पता नहीं चल जाता, तब तक वह इस मानवता भलाई केंद्र में सेवादारों की देखरेख में पूरी तरह सुरक्षित और खुश रहेगा। Sangaria News

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