Body Donation: महेन्द्र कौर इन्सां बनीं ब्लॉक शैहणा/भदौड़ की 251वीं शरीरदानी
पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान
Body Donation: भदौड़, (सच कहूँ/रमनीक बत्ता)। सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए माता महेन्द्र कौर इन्सां के निधन के बाद उनके पारिवारिक सदस्यों ने उनका पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर इन्सानियत का फर्ज निभाया है। माता महेन्द्र कौर इन्सां ने ब्लॉक शैहणा/भदौड़ की 251वीं और गांव शैहणा की 17वीं शरीरदानी होने का गौरव हासिल किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माता महेन्द्र कौर इन्सां ने जीते जी अपना शरीर चिकित्सा शोध के लिए दान करने का प्रण लिया हुआ था। इसके बाद माता के निधन पर उनके पारिवारिक सदस्यों ने उनका पार्थिव शरीर चिकित्सा शोध के लिए दान करने का निर्णय लिया। इसके उपरांत डेरा सच्चा सौदा की मर्यादा के अनुसार माता की अर्थी को उनके पारिवारिक सदस्यों परमजीत कौर, सिंदरपाल कौर, हाकम सिंह और बूटा सिंह ने कंधा दिया। इसके बाद पार्थिव शरीर को फूलों से सजी एंबुलेंस के माध्यम से ‘माता महेन्द्र कौर इन्सां अमर रहे’ के नारों के साथ मेडिकल रिसर्च के लिए रवाना किया।
इस दौरान सरपंच नाजम सिंह ने एंबुलेंस को रवाना किया। इस दौरान पार्थिव शरीर को एसकेएस अस्पताल मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर, मथुरा (उत्तर प्रदेश) के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर पारिवारिक सदस्यों के अलावा गुरचेत सिंह शैहणा और मनीष कुमार भदौड़, सच्चे नम्र सेवादार, गाँव के प्रेमी सेवक जगविन्द्र सिंह, नगर पंचायत के सदस्य, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर कमेटी के सेवादार, साध-संगत और ग्रामीण मौजूद थे।
डेरा श्रद्धालु दुनियाभर में फैला रहे मानवता भलाई का संदेश
ब्लॉक प्रेमी सेवक प्रवीण कुमार इन्सां और बलवीर दास ने कहा कि डेरा श्रद्धालु पूरी दुनिया में मानवता भलाई का संदेश फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले चिकित्सा शोध के लिए आर्टिफिशियल शरीर की बनावट, कम्प्यूटर या फिर अन्य जीव-जंतुओं के शरीर पर शोध किया जाता था, लेकिन जब से डेरा सच्चा सौदा की ओर से मरणोपरांत शरीरदान किया जा रहा है, तब से नए बनने वाले डॉक्टर मानव शरीर पर बीमारियों के खात्मे के लिए शोध और अपने प्रयोग कर रहे हैं।