पटियाला के शक्ति विहार में जोनल स्तर पर बिजली कर्मचारियों और किसान संगठनों का प्रदर्शन  

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पावरकॉम की जमीनें किसी भी हालत में बिकने नहीं देंगे

  • बिजली संशोधन बिल लागू होने से खत्म होगी क्रॉस सब्सिडी, निजीकरण का खतरा बढ़ा

पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)। Patiala News: सरकार द्वारा पावरकॉम की जमीनें बेचने के खिलाफ बिजली कर्मचारियों और भाईचारा संगठनों ने आर-पार का संघर्ष शुरू कर दिया है। संगठनों के नेताओं ने घोषणा की कि बिजली बोर्ड की जमीनें किसी भी हालत में बेचने नहीं दी जाएंगी। इस दौरान उन्होंने बिजली मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कॉपोर्रेट घरानों के दबाव में काम कर रही है। Patiala News

जानकारी के अनुसार पटियाला के शक्ति विहार में, जहां पावरकॉम की जमीन सरकार द्वारा बेची जा रही हैं, वहां जोनल स्तर पर धरना दिया गया। इस प्रदर्शन में कर्मचारियों के साथ-साथ किसान और अन्य भाईचारा संगठन भी शामिल हुए और बिजली कर्मचारियों के समर्थन में खड़े हुए।

इंजीनियर अजैपाल सिंह अटवाल, पदमजीत सिंह, जतिंदर गर्ग, दविंदर सिंह, परमहजीत सिंह खटड़ा और अमनदीप जेहलवी ने संबोधन में कहा कि पंजाब सरकार राज्य के विभिन्न शहरों में स्थित पावरकॉम की कीमती जमीनों को विशेष सरकारी योजना के तहत बेचने की राह पर है, जोकि बेहद गलत निर्णय है। उन्होंने कहा कि ये जमीनें भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 के तहत खरीदी गई थीं और इन्हें जनहित में उपयोग किया जाना चाहिए। बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए इन जमीनों का इस्तेमाल नए सब-स्टेशन, आधुनिक कार्यालयों और स्टोरों के निर्माण के लिए होना चाहिए।

नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जल्दबाजी में लोकविरोधी बिजली संशोधन बिल 2025 को बजट सत्र 2026 में लागू करने की कोशिश कर रही है। इसके बाद बिजली क्षेत्र पर कॉपोर्रेट का कब्जा हो जाएगा। बिजली कर्मचारी संघर्षशील मोर्चा, पेंशनर्स एसोसिएशन और संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने मांग की कि जमीनों की बिक्री प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए। उन्होंने कहा कि इन जमीनों को रियल एस्टेट एजेंटों के हाथों में देने की बजाय बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उसके विस्तार के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। Patiala News

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