मानसा : सपनों पर फिरा पानी, 55 फीसद अंक से कम वाले नहीं बन सकेंगे अध्यापक

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दिव्यांग एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया, नारेबाजी की | Protest

  • कहा, सरकार विभागों का निजीकरण करने का कर रही है प्रयास

मानसा (सच कहूँ न्यूज)। शिक्षा विभाग ने दिव्यांगों के बैकलॉग के निकाले गए लगभग 82 पदों की भर्ती के लिए (Protest) ग्रेजूएशन में 45 फीसद अंक की अनिवार्यता को बढ़ाकर 55 फीसद कर दिया है। जिसके विरोध में दिव्यांग एसोसिएशन ने रविवार को जिला कचहरी के पास पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री विजेइंदर सिगला का पुतला फूंका। इसके साथ ही दिव्यांग एसोसिएशन की जिला इकाई ने रोजगार की मांग कर रहे बेरोजगार बीएड टेट पास अध्यापकों के संघर्ष का समर्थन किया।

पुतला फूंक प्रदर्शन के दौरान जिला प्रधान अविनाश शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए इन आदेशों के साथ उन उम्मीदवारों के सपनों पर पानी फिर गया है, जिनके ग्रेजूएशन में 55 फीसद अंक नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग सरकार की निजीकरण की नीतियों के एजेंडे के अधीन अपने हिसाब से नियमों में बदलाव कर अध्यापक बनने की योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को ऐसी भर्ती से बाहर निकाल रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि शिक्षा विभाग को ऐसी नीतियों पर रोक लगाई जाए और दिव्यांग केटेगरी की भर्ती में ग्रेजूएशन में अंकों की अनिवार्यता 55 फीसद की हटाकर 45 फीसद की जाए। इस मौके पर गुरसेवक सिंह बहणीवाल, सुखजीत सिंह, गुरजंट सिंह, लाभ मानसा, ज्योति शर्मा, भोली कौर, मनजीत कौर, कृपाल कौर हरजिंदर कौर व बिंदर सिंह आदि मौजूद थे।

अध्यापकों ने की संघर्ष की तैयारी | Protest

  • जिला प्रधान ने चेतावनी देते कहा कि अगर शिक्षा विभाग ने उनकी शर्तो को नहीं माना ।
  • पंजाब सरकार के खिलाफ संघर्ष शुरू किया जाएगा।
  • इसके अलावा उन्होंने शिक्षा मंत्री की कोठी का घेराव करने जा रहे अध्यापकों पर किए लाठीचार्ज की निदा करते आरोप लगाया ।
  • पंजाब सरकार अपने हकों के लिए उठी आवाज को लाठी के प्रहार से दबाना चाहती है।
  • जिसे एसोसिएशन कभी भी सहन नहीं करेगी।

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