वर्षा ऋतु में बस्ति चिकित्सा से पाएं वात रोगों से राहत

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) में निःशुल्क पंचकर्म शिविर शुरू।

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जयपुर, 23 जुलाई 2026। आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर के पंचकर्म विभाग द्वारा आमजन के बेहतर स्वास्थ्य एवं वातजनित रोगों की रोकथाम के उद्देश्य से वर्षा ऋतु विशेष निःशुल्क पंचकर्म चिकित्सा शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में योग्य आयुर्वेद विशेषज्ञों की देखरेख में बस्ति चिकित्सा निःशुल्क कि जायेगी । 

संस्थान के कुलपति प्रो.संजीव शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद में वर्षा ऋतु को बस्ति चिकित्सा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। यह चिकित्सा वात दोष के शमन, शरीर के शोधन तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने आमजन से इस निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

पंचकर्म विभागाध्यक्ष प्रो. गोपेश मंगल ने बताया कि वर्षा ऋतु में वात दोष के बढ़ने से कमर दर्द, पीठ दर्द, जोड़ों का दर्द, शारीरिक जकड़न, थकान एवं दुर्बलता जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में बस्ति चिकित्सा इन समस्याओं के साथ-साथ वृद्धावस्था जनित विकारों की रोकथाम में भी लाभकारी मानी जाती है। शिविर में रोगियों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार उपचार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक पंचकर्म विभाग, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जौरावर सिंह गेट, आमेर रोड, जयपुर में पंजीकरण कर शिविर का लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर प्रो.पी हेमंता, प्रो.अनिता शर्मा, प्रो. सुरेन्द्र शर्मा, प्रो.महेन्द्र प्रजापति, डॉ. सर्वेश सिंह, डॉ. विपिन तंवर, डॉ. वैभव बापट, डॉ. अनुश्री डी., डॉ. लोकेश सहित पंचकर्म विभाग के समस्त चिकित्सक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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