शिक्षा और रोजगार
दुष्कर्म का दोषी 20 साल की सजा से दंडित
हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। पोक्सो न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश मदन गोपाल आर्य ने नाबालिग लडक़ी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हुए दोषी युवक को 20 साल के कारावास की सजा से दंडित किया। 1 लाख 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए। राज्य की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद डूडी ने की। Hanumangarh News
- 1 लाख 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया | Hanumangarh News
- मार्च 2018 का संगरिया थाना क्षेत्र का मामला
- विशिष्ट न्यायालय पोक्सो हनुमानगढ़ ने सुनाया फैसला |
प्रकरण के अनुसार संगरिया थाना क्षेत्र की 16 साल से कम आयु की पीडि़ता व उसके परिजन पीडि़ता के भाई का रिश्ता लेकर लूणकरणसर गए थे। वहां पर पीडि़ता को आरोपी मंजूर उर्फ संजय (31) निवासी लूणकरणसर जिला बीकानेर मिला। इसके बाद से मंजूर उर्फ संजय बहला-फुसलाकर पीडि़ता से मोबाइल फोन पर बात करने लगे। एक दिन आरोपी मंजूर उर्फ संजय ने पीडि़ता को नींद की गोलियां लाकर दी और धमकी दी कि अगर उसने अपने घरवालों को दूध में मिलाकर नींद की गोलियां नहीं खिलाई तो वह उसके साथ फोन पर हुई बातचीत नेट पर चढ़ाकर वायरल कर देगा।
पीडि़ता ने आरोपी के बहकावे में आकर नींद की गोलियां मिला दूध पिला दिया। इसका फायदा उठाकर आरोपी ने पीडि़ता के साथ चार-पांच बार दुष्कर्म किया। फिर एक दिन आरोपी मंजूर उर्फ संजय पीडि़ता को लूणकरणसर ले गया और वहां भी गलत कार्य किया। संगरिया पुलिस ने 31 मार्च 2018 को मुकदमा दर्ज किया। अनुसंधान के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाह पेश किए तथा 28 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। Rape Case
सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी मंजूर उर्फ संजय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उसे आईपीसी की धारा 363 में 3 साल कारावास, 5 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी छह माह के अतिरिक्त कारावास, आईपीसी की धारा 366 में 7 साल कारावास, 50 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी छह माह के अतिरिक्त कारावास, आईपीसी की धारा 450 में 7 साल कारावास, 5 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी छह माह के अतिरिक्त कारावास, आईपीसी की धारा 376(2)(आई), 376(2)(एन) व 5एल/6 पोक्सो एक्ट में 20 साल कारावास, 50 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। कुल जुर्माना 1 लाख 10 हजार रुपए लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
यह भी पढ़ें:– Bank Loan: आप ले रहे हैं लोन तो जानें आपके मरने के बाद उसे भरेगा कौन?