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Jaipur JDA Arrest Warrant: जेडीए के कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, देखें क्या है विवाद?
12 अक्टूबर को आयोग में पेश करने के निर्देश
Jaipur JDA Arrest Warrant: जयपुर (सच कहूँ/एजेंसी)। प्लॉट आवंटन से जुड़े लंबे समय से लंबित विवाद में जिला उपभोक्ता आयोग-2 ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और जोन-9 के उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। आयोग ने जयपुर पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को आयोग के समक्ष पेश किया जाए। यह कार्रवाई कृष्णा नामक शिकायतकर्ता की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। विवाद जेडीए की ‘निलय कुंज हाउसिंग स्कीम’ में प्लॉट आवंटन और उसका कब्जा नहीं मिलने से संबंधित है।
2016 में आयोग ने दिया था कब्जा पत्र जारी करने का आदेश
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने निलय कुंज योजना में प्लॉट के लिए आवेदन किया था। लॉटरी के माध्यम से उन्हें प्लॉट नंबर 454 आवंटित हुआ, लेकिन निर्धारित समय में कब्जा नहीं मिलने पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग का रुख किया। करीब चार साल चली कार्यवाही के बाद वर्ष 2016 में आयोग ने जेडीए को आवंटित प्लॉट के लिए कब्जा पत्र जारी करने का निर्देश दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आदेश के बावजूद प्राधिकरण ने इसका पालन नहीं किया। इसी के बाद वर्ष 2020 में अवमानना याचिका दायर की गई।
एक के बाद एक बदला प्लॉट, कब्जे को लेकर विवाद
याचिका में आरोप लगाया गया कि मूल रूप से आवंटित प्लॉट नंबर 454 के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को आवंटन कर दिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को प्लॉट नंबर 194 देने का प्रस्ताव आया, लेकिन आरोप है कि वह भी किसी अन्य को आवंटित कर दिया गया। बाद में निलय कुंज योजना के दूसरे चरण में प्लॉट नंबर 7 आवंटित किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने इसकी पूरी राशि जमा कर दी, लेकिन लेआउट में बदलाव और प्लॉट के सामने की चौड़ाई कम होने के कारण उन्हें निर्धारित स्वरूप में पूरा कब्जा नहीं मिल सका।
मामला उच्च स्तर के आयोगों तक पहुंचा
शिकायतकर्ता के मुताबिक, जेडीए ने वर्ष 2016 के आदेश को राज्य और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोगों में चुनौती दी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। याचिकाकर्ता का दावा है कि इन कानूनी कार्यवाहियों के बावजूद मूल आदेश का पालन नहीं हुआ। अब अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग-2 ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। पुलिस कमिश्नर को उन्हें 12 अक्टूबर को आयोग के समक्ष पेश कराने के निर्देश दिए गए हैं।