एथेनॉल प्लांट के खिलाफ महापंचायत, किसान नेता बोले-फैक्ट्री हटाने तक जारी रहेगी लड़ाई

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बंद रहा इंटरनेट सेवाएं, चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस

Ethanol Factory Controversy: हनुमानगढ़। टिब्बी तहसील की ग्राम पंचायत राठीखेड़ा के चक पांच जेआरके में लगने वाले एथेनॉल प्लांट के खिलाफ बुधवार को टिब्बी में एसडीएम कार्यालय के पास महापंचायत हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। सभा स्थल पर फैक्ट्री हटाओ संघर्ष समिति के सदस्यों और अन्य किसान नेताओं ने संबोधित किया। महापंचायत के मद्देनजर कस्बे के बाजार बंद रहे और इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं। मंच से बोलते हुए किसान नेता रवि जोसन ने कहा कि एथेनॉल प्लांट हटाने की इस लड़ाई में हर ग्रामीण शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस प्लांट को यहां नहीं लगने देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। Hanumangarh News

जोसन ने फैक्ट्री को ‘जहरीलीÓ बताते हुए कहा कि इलाके की हवा, पानी और जमीन को प्रदूषित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने एकजुटता से इस लड़ाई को जीतने का संकल्प लिया। अन्य वक्ताओं ने भी एथेनॉल प्लांट के विरोध में भारी आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर एक पूंजीपति के इशारे पर इलाके के पर्यावरण को प्रदूषित करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब इलाके के लोग प्लांट नहीं चाहते, तो जबरदस्ती क्यों की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि एथेनॉल प्लांट किसी भी कीमत पर नहीं लगने दिया जाएगा। इस महापंचायत में पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों से जुड़े लोगों के साथ कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेता भी शामिल हुए।

महापंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट पर रहा। कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई। प्रशासन की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों को महापंचायत के प्रबंधन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कस्बे में आने-जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया। घग्घर नदी पुल पर सुबह से ही ट्रैक्टरों की आवाजाही को बंद कर दिया गया। घग्घर पुल पर सीमेंट के भारी बैरिकेड्स लगाकर बड़े वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर टिब्बी के लगभग सभी निजी स्कूल भी बंद रहे।

गौरतलब है कि एथेनॉल प्लांट के खिलाफ संघर्ष समिति का आंदोलन पिछले 15 महीनों से लगातार जारी है। लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से इस एथेनॉल प्लांट का निर्माण प्रस्तावित है। 18 नवम्बर की सुबह आंदोलन में शामिल कई किसानों को उनके घरों से हिरासत में लिया गया था। उस दौरान भी दो दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं। Hanumangarh News

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