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Nitin Navin Latest News: नितिन नवीन ने कहा- ‘मैं’ की बजाय ‘हम’ की भावना के साथ करें कार्य
''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘वुमन-लेड डवलपमेंट’ विजन मातृशक्ति और राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण ''
सिरोही/जयपुर, (सच कहूँ न्यूज़)। राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने कहा कि जागृति तभी सार्थक होती है, जब व्यक्ति अपने विचारों को व्यवहार में उतारे और अपने आचरण से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और सहयोग भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। सेवा को केवल कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय जीवन का स्वभाव बनाना चाहिए। व्यक्ति को ‘मैं’ की जगह ‘हम’ की भावना के साथ समाज और राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
राज्यसभा सांसद नितिन नवीन आबूरोड स्थित शांति वन में आयोजित नवदशकोत्सव एवं ग्लोबल समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अर्बुदांचल की पवित्र भूमि योग, साधना और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने महिला नेतृत्व की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं का ज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वुमन-लेड डेवलपमेंट’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृशक्ति का नेतृत्व समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकता है।
नितिन नवीन ने नशा मुक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना देश के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के संदेश को व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। युवाओं को जागरूक करने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
विकसित भारत 2047 नागरिकों का साझा संकल्प
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य देश के 140 करोड़ नागरिकों का साझा संकल्प होना चाहिए। राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने आमजन से तीन प्रमुख संकल्प अपनाने का आह्वान किया। इनमें प्रत्येक युवा तक मूल्य शिक्षा पहुंचाना, सेवा भावना के साथ समाज के बीच कार्य करना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना शामिल है। उन्होंने कहा कि 90 लाख वृक्ष लगाने, एक लाख से अधिक रक्तदान करने और 90 प्रमुख शहरों में आध्यात्मिक सभाएं आयोजित करने जैसे संकल्प समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारतीय योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया को दिए गए ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ के संदेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा तथा सोमनाथ, काशी और महाकाल लोक में हुए विकास कार्यों से सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली है।
संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आध्यात्मिक विकास और प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। देवालयों, संतों और लोक देवताओं से जुड़े तीर्थ स्थलों का विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर पैनोरमा भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में 29 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। खेजड़ी सहित 29 वृक्षों के संरक्षण के लिए विधेयक लाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गोवंश और गोपालकों के कल्याण के लिए भी लगातार प्रयास कर रही है।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ समस्त जीव-जगत, प्रकृति और पर्यावरण के कल्याण की कामना करती है। हमारी परंपरा प्रत्येक जीव में ईश्वर का दर्शन करती है। उन्होंने कहा कि गंगा और यमुना जैसी नदियां, आबूराज और गिरिराज जैसे पर्वत तथा खेजड़ी और पीपल जैसे वृक्ष भारतीय संस्कृति में पूजनीय हैं। विश्व कल्याण के लिए प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और व्यापक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।
आबूराज में एयर स्ट्रिप से बेहतर होगी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आबूराज के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। क्षेत्र में एयर स्ट्रिप के विकास को लेकर केंद्र सरकार के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से आबूराज में पर्यटन सहित अन्य गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
इससे पहले राज्यसभा सांसद नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शांति वन में मेडिटेशन कर लोक कल्याण की कामना की। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी डॉ. बी.के. मृत्युंजय सहित अन्य पदाधिकारी और देश-विदेश से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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