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Panchana Dam News: पाँचना बाँध विवाद सुलझा, 20 साल बाद नहरों में पहुंचा पानी
50 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई परियोजना से 21 राजस्व गांवों को मिलेगा लाभ
Panchana Dam Karauli: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। पानी केवल प्रकृति का अनमोल उपहार ही नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि समृद्धि का आधार भी है। खेतों तक समय पर पानी पहुंचे तो धरती सोना उगलती है, लेकिन जब जल उपलब्ध होने के बावजूद सिंचाई की राह बाधित हो जाए, तो किसानों की उम्मीदें लंबे इंतजार में बदल जाती हैं। राजस्थान के करौली जिले में गंभीर नदी पर निर्मित पाँचना बाँध से जुड़ी ऐसी ही एक समस्या लगभग दो दशकों तक बनी रही। अब राज्य सरकार की पहल, प्रशासनिक समन्वय और किसानों के बीच संवाद एवं सहमति से इस लंबे गतिरोध का समाधान संभव हुआ है।
पाँचना बाँध की यह कहानी केवल जल वितरण की समस्या के समाधान की नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सामाजिक सौहार्द और जनहित को सर्वोपरि रखने की भी है। वर्षों से नहरों में पानी पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के लिए 6 जुलाई 2026 का दिन नई आशाओं और संभावनाओं का संदेश लेकर आया, जब बाँध से नहरों में जल प्रवाह प्रारंभ किया गया।
पाँचना बाँध : सिंचाई की उम्मीदों से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना
करौली जिले में गंभीर नदी पर निर्मित पाँचना बाँध क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है। लगभग 2100 एमसीएफटी जल भंडारण क्षमता वाला यह बाँध करीब 10 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सिंचाई से संबंधित है। क्षेत्र के हजारों किसानों की कृषि गतिविधियां और आजीविका इस जल संसाधन के प्रभावी उपयोग से जुड़ी हैं।
हालांकि, जल वितरण को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के किसानों की अपेक्षाओं में अंतर के कारण वर्ष 2006 के बाद से बाँध के कमांड क्षेत्र की नहरों में जल प्रवाह नहीं हो पा रहा था। इससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई और किसानों की अपेक्षाएं लंबे समय तक अधूरी रहीं। एक ओर कमांड क्षेत्र के किसान नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर गुड़ला सहित आसपास के 21 राजस्व गांवों के किसान लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से अपने खेतों तक पानी पहुंचाने की अपेक्षा रखते थे। दोनों पक्षों की मांगें कृषि, आजीविका और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी थीं। ऐसे में आवश्यकता थी एक ऐसे संतुलित समाधान की, जिसमें जल संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग सुनिश्चित हो और सभी संबंधित क्षेत्रों के किसानों के हितों का सम्मान किया जा सके।
मुख्यमंत्री की पहल से समाधान की दिशा में बढ़े कदम
लंबे समय से लंबित इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों, संवाद और समन्वय को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुड़ला क्षेत्र के 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसके तहत 50 करोड़ रुपये की पाँचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही पाँचना बाँध के नहरी तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य भी प्रारंभ किए गए। इन दोनों पहलों ने जल वितरण को लेकर लंबे समय से बनी समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया। लिफ्ट सिंचाई परियोजना से जहाँ गुड़ला सहित आसपास के 21 राजस्व गांवों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ, वहीं नहरी तंत्र की मरम्मत से कमांड क्षेत्र के किसानों को भी बेहतर जल उपलब्धता की नई उम्मीद मिली।
संवाद और समन्वय से मजबूत हुआ आपसी विश्वास
पाँचना बाँध से जुड़े जल वितरण विवाद के समाधान में किसानों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे लंबे समय से चली आ रही समस्या के सर्वसम्मत समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई। विस्तृत विचार-विमर्श और जल संसाधनों के संतुलित एवं न्यायसंगत उपयोग पर सहमति बनाने के सार्थक प्रयासों के बाद इस विवाद के समाधान की दिशा में 30 जून 2026 का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में सामने आया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के सतत प्रयासों से लगभग दो दशकों से चले आ रहे गतिरोध के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ। गुड़ला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था एवं गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी समाधान पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। यह समझौता केवल जल वितरण व्यवस्था से संबंधित निर्णय नहीं था, बल्कि किसानों के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और सामाजिक सौहार्द की भावना को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण कदम भी था।
6 जुलाई 2026 : नहरों में बहती जलधारा ने जगाई नई उम्मीद
समझौते के बाद नहरी तंत्र का तकनीकी आकलन एवं परीक्षण कर जल प्रवाह प्रारंभ करने की दिशा में कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। आखिरकार 6 जुलाई 2026 को पाँचना बाँध से नहरों में पानी छोड़े जाने के साथ किसानों की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा को नई दिशा मिली। लगभग दो दशकों के अंतराल के बाद नहरों में बहती जलधारा ने किसानों के मन में बेहतर खेती, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि विकास की नई उम्मीदें जगाईं। यह अवसर केवल नहरों में जल प्रवाह प्रारंभ होने तक सीमित नहीं था, बल्कि किसानों के धैर्य, सरकार की पहल और प्रशासनिक समन्वय से प्राप्त सकारात्मक परिणाम का प्रतीक भी था।
जल संसाधनों के संतुलित उपयोग से कृषि विकास को मिलेगी गति
पाँचना बाँध से जुड़े समाधान की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें कमांड क्षेत्र के किसानों की नहरी सिंचाई आवश्यकताओं के साथ बाँध के आसपास के क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं को भी महत्व दिया गया। 50 करोड़ रुपये की स्वीकृत पाँचना लिफ्ट सिंचाई परियोजना से गुड़ला सहित 21 राजस्व गांवों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं विकसित हुई हैं। वहीं 11 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से नहरी तंत्र की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य कमांड क्षेत्र में जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। सिंचाई सुविधाओं की उपलब्धता से किसानों को बेहतर फसल उत्पादन, कृषि विविधीकरण तथा आजीविका के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे। साथ ही पर्याप्त एवं समयबद्ध सिंचाई व्यवस्था कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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