Hanumangarh Panchayat Elections: हनुमानगढ़ में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, कार्मिकों ने सीखी कंट्रोल यूनिट व बैलेट यूनिट तैयार करने की प्रक्रिया
पंचायत चुनावों के लिए ईवीएम कमिश्निंग स्टाफ को दिया प्रशिक्षण
EVM Commissioning Training: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। जिले की सभी पंचायत समितियों के आरओ के कमिश्निंग स्टाफ को सोमवार को जिला मुख्यालय पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक पंचायत समिति से 15-15 कार्मिकों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया। ये कार्मिक अपने-अपने आरओ स्तर पर पंचायत समिति एवं जिला परिषद चुनावों के लिए कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट की मशीनें तैयार करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान आरओ स्तर पर कंट्रोल यूनिट तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी रमेश, चैन सिंह एवं महेन्द्र पाल सिंह ने दी।
प्रशिक्षण में मशीनों की सीलिंग प्रक्रिया से लेकर कंट्रोल यूनिट व बैलेट यूनिट पर एड्रेस टैग लगाने तथा टैग पर आवश्यक प्रविष्टियां करने की प्रक्रिया समझाई गई। इसके बाद कार्मिकों को हैंड्स ऑन ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि कमिश्निंग प्रक्रिया में किसी तरह की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। डीएलएमटी महेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि इस बार विशेष रूप से नगर निकाय चुनावों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए कमिश्निंग प्रक्रिया पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में फर्स्ट लेवल चैकिंग के दौरान भी यह सुनिश्चित किया गया था कि मशीनों में किसी प्रकार की त्रुटि नहीं रहे।
अब भी यह ध्यान रखा जा रहा है कि कमिश्निंग का कार्य भी पूरी सावधानी से किया जाए। इसी उद्देश्य से प्रत्येक पंचायत समिति से 15-15 लोगों की टीम को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में सभी सीलिंग प्रक्रियाओं के साथ यह भी बताया गया कि कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को कहां-कहां से सील किया जाना है, उन पर कौन-कौन से एड्रेस टैग लगाए जाने हैं और एड्रेस टैग पर किस तरह की प्रविष्टियां की जानी हैं। प्रशिक्षण एवं हैंड्स ऑन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्मिकों को अपने-अपने आरओ स्तर पर कमिश्निंग कार्य के लिए भेजा जाएगा।
महेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि इस बार विशेष ध्यान रखा गया है कि मतदाता सूची में जिन नामों के सामने 'डिलीट' लिखा हुआ है, किसी भी स्थिति में उनका वोट नहीं डाला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'डिलीट' का अर्थ है कि संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची से विलोपित कर दिया गया है। इसके लिए चुनाव करवाने वाले पीआरओ और मतदान अधिकारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि कौन-कौन सी सूचियां हैं और उनमें दर्ज ऐसे मतदाता मतदान नहीं कर सकते, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की गलती न हो।
मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना प्रथम मतदान अधिकारी की जिम्मेदारी
किसी मतदाता का वोट किसी अन्य व्यक्ति की ओर से डाले जाने की शिकायतों के संबंध में उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्र पर प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने का कार्य करता है। हालांकि कई बार मतदाता ईपिक कार्ड या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज लेकर आता है, जो काफी पुराने होने के कारण उस पर फोटो स्पष्ट नजर नहीं आती। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में प्रथम मतदान अधिकारी संबंधित मतदाता के बारे में उपलब्ध जानकारी जोर से बोलता है। मतदाता की पहचान पर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार मतदान केन्द्र पर मौजूद पोलिंग एजेंट का है। यदि पोलिंग एजेंट की ओर से किसी प्रकार की आपत्ति या हस्तक्षेप नहीं किया जाता है, तो मतदान दल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही आगे बढ़ता है।