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Rajasthan Postal Circle: राजस्थान में आधुनिक बनेंगे डाकघर, युवाओं को आकर्षित करने और नागरिकों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर
राष्ट्रीय डाक सप्ताह का शुभारंभ 9 से 15 अक्टूबर तक होगा आयोजन — नागरिक-केंद्रित सेवाओं और अंतिम छोर तक डाक सुविधाएँ पहुँचाने पर विशेष जोर
जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। Rajasthan Postal Circle: भारतीय डाक विभाग द्वारा राष्ट्रीय डाक सप्ताह 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) की थीम “One Postal Network, Infinite Possibilities” (एक डाक नेटवर्क, असीम संभावनाएँ) के अनुरूप डाक विभाग की सेवाओं, नवाचारों तथा नागरिक-केंद्रित सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस अवसर पर राजस्थान परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री सुशील कुमार ने कहा कि भारतीय डाक विभाग देश की एक महत्वपूर्ण सेवा संस्था है, जो अपनी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। माननीय केंद्रीय संचार मंत्री जी के संदेश में भी डाक नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने, सेवाओं के आधुनिकीकरण तथा प्रत्येक नागरिक तक डाक सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करने की भावना प्रमुखता से व्यक्त की गई है।
श्री सुशील कुमार ने कहा कि “डाक सेवा, जन सेवा” भारतीय डाक विभाग का मूल भाव है। हमारा लक्ष्य केवल पत्रों और पार्सलों की डिलीवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सरल, सुलभ, विश्वसनीय और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना है। आज डाक विभाग तकनीक और मजबूत नेटवर्क के माध्यम से 24 घंटे के भीतर डाक की डिलीवरी करने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह विभाग की कार्यक्षमता, प्रतिबद्धता और बदलते समय के अनुरूप सेवाओं में आए सुधार का गौरवपूर्ण उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि डाक विभाग ने लॉजिस्टिक्स सेवाओं का विस्तार किया है, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों और ई-कॉमर्स क्षेत्र को बेहतर सुविधाएँ मिल रही हैं। बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से लोगों को घर बैठे वित्तीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, आधार सेवाओं को आमजन तक पहुँचाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर नागरिकों को आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों को सेवाओं के लिए अनावश्यक भागदौड़ से बचाना और सरकारी सुविधाओं को उनके निकट पहुँचाना है।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अवसर पर आयोजित विभागीय बैठक में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डाक सेवाएँ पहुँचाने तथा भविष्य में अधिकाधिक नागरिक-केंद्रित सेवाएँ उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। बैठक में डाक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, आधुनिक तकनीक के अधिकाधिक उपयोग, वित्तीय समावेशन, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार और ग्राहकों की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि भविष्य में भारतीय डाक विभाग की भूमिका और अधिक व्यापक होगी। विभाग का प्रयास है कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी शहरी क्षेत्रों के समान गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्राप्त हों। डाक नेटवर्क की व्यापक पहुँच का उपयोग करते हुए बैंकिंग, आधार, पार्सल और अन्य नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा। इस दिशा में डाक कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अंतर्गत डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, ग्राहकों से संवाद स्थापित करने तथा विभाग की उपलब्धियों और भावी योजनाओं को आमजन तक पहुँचाने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
युवाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक डाकघरों का विकास
श्री सुशील कुमार ने कहा कि बदलते समय और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप भारतीय डाक विभाग अपनी सेवाओं एवं कार्यप्रणाली को आधुनिक स्वरूप प्रदान कर रहा है। इसी दिशा में राजस्थान में चार Gen Z डाकघर खोले गए हैं, जहाँ युवाओं की रुचि, आवश्यकताओं और बदलती जीवनशैली के अनुरूप आधुनिक सेवाएँ एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन डाकघरों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को डाक विभाग से जोड़ना तथा भारतीय डाक की सेवाओं को अधिक आकर्षक, सुलभ और आधुनिक बनाना है।
उन्होंने बताया कि इसी नवाचार को आगे बढ़ाते हुए जयपुर के मुरलीपुरा डाकघर को आधुनिक स्वरूप में विकसित कर ‘जनसेवा कनेक्ट डाकघर’ के रूप में परिवर्तित करने का कार्य प्रगति पर है। इस पहल का उद्देश्य डाकघर को केवल पारंपरिक डाक सेवाओं तक सीमित न रखते हुए नागरिकों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने वाले आधुनिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है। ऐसे डाकघर भविष्य में नागरिक-केंद्रित सेवाओं, तकनीकी नवाचार और बेहतर ग्राहक अनुभव के माध्यम से आमजन तथा डाक विभाग के बीच जुड़ाव को और मजबूत करेंगे।
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि भारतीय डाक विभाग का प्रयास है कि परंपरा और आधुनिकता के समन्वय से प्रत्येक आयु वर्ग के नागरिक को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सेवाएँ उपलब्ध हों। Gen Z डाकघर और जनसेवा कनेक्ट डाकघर जैसी पहलें इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा हैं, जिनके माध्यम से डाक विभाग भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित कर रहा है।
इसी क्रम में आज चित्तौड़गढ़ में डाक टिकट प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया गया। यह प्रदर्शनी भारतीय इतिहास, संस्कृति, कला, महान विभूतियों और राष्ट्रीय उपलब्धियों को डाक टिकटों के माध्यम से जानने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। डाक टिकट संग्रह अर्थात फिलेटली न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि विद्यार्थियों एवं युवाओं में इतिहास और ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्री सुशील कुमार ने कहा कि भारतीय डाक विभाग अपनी समृद्ध विरासत और जनविश्वास को आधार बनाकर आधुनिक भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाओं का विस्तार कर रहा है। राष्ट्रीय डाक सप्ताह हमें अपनी उपलब्धियों की समीक्षा करने, नई संभावनाओं को अपनाने और नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने सभी नागरिकों से डाक विभाग की विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाने तथा भारतीय डाक के साथ अपने विश्वास और जुड़ाव को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
“डाक सेवा, जन सेवा — एक डाक नेटवर्क, असीम संभावनाएँ।”
आपका गोपाल लाल शर्मा, सहायक निदेशक (स्टाफ), परिमंडल कार्यालय, जयपुर