Rajasthan Government: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला! पदोन्नति प्रक्रिया होगी अधिक सरल, 149 नए पदों को मंजूरी

जनसेवा में समर्पित अधिकारी एवं कर्मचारी सुशासन के आधार स्तंभ

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जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और कर्मचारी-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सुशासन तभी संभव है, जब सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसके लिए आवश्यक है कि कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण, समय पर पदोन्नति और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सचिवालय सेवा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान कहा कि राज्य सरकार ने पदोन्नति की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत आगामी वर्षों में पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव अवधि में दो वर्ष तक की छूट देने की व्यवस्था की जाएगी। इसका लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने पूर्व में इस सुविधा का लाभ नहीं लिया है। इस निर्णय से बड़ी संख्या में कार्मिकों को समय पर पदोन्नति का अवसर प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं। इनमें सेवानिवृत्ति उपरांत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को बढ़ाना, पेंशन संबंधी प्रावधानों में सुधार, पारिवारिक पेंशन की सुविधा का विस्तार तथा चिकित्सा योजनाओं में अधिक विकल्प उपलब्ध कराना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वेतनमान से जुड़े विषयों का अध्ययन करने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो भविष्य में लागू होने वाले वेतन आयोग की सिफारिशों का भी परीक्षण करेगी। साथ ही, अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण से जोड़कर शासन व्यवस्था को अधिक परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास किया जाएगा।

महिला कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने कई सकारात्मक पहल की हैं। अनुकंपा नियुक्ति के दायरे का विस्तार, एकल महिला कर्मचारियों के लिए बाल देखभाल अवकाश में लचीलापन तथा कार्यस्थलों पर बच्चों की देखभाल के लिए विशेष सुविधाओं की स्थापना जैसे निर्णय महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से सचिवालय में विभिन्न श्रेणियों के नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। इससे न केवल कार्यालयों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे और विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस कार्य प्रणाली को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था ही जनसेवा को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बना सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कर्मचारियों के सहयोग से राजस्थान सुशासन और प्रशासनिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।

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