शिक्षा और रोजगार
एक भोजन, अनेक मुस्कानें: अनाथ बच्चों के संग बिताया पूरा दिन, मासूम चेहरों की मुस्कान ने रोटेरियंस की आंखें कर दीं नम
अन्नपूर्णा दिवस पर रोटरी क्लब एलीट पिहोवा की अनूठी पहल, माता गुजरी आश्रम में बच्चों के साथ किया भोजन, खेला, नाचा, जन्मदिन मनाया और बांटा अपनापन
पिहोवा (सच कहूँ न्यूज़)। Pehowa News: सेवा का असली अर्थ केवल जरूरतमंदों की मदद करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनापन, सम्मान और परिवार जैसा स्नेह देना भी है। इसी सोच को साकार करते हुए रोटरी क्लब एलीट, पिहोवा ने अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर "एक भोजन, अनेक मुस्कानें" अभियान के तहत पटियाला के निकट स्थित माता गुजरी आश्रम, ढकाला में रह रहे 100 से अधिक अनाथ बच्चों के साथ पूरा दिन बिताया। क्लब के सदस्यों ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया, खेल खेले, नृत्य किया, भांगड़ा डाला, जन्मदिन मनाया और उनकी जरूरत का सामान भेंट कर उन्हें यह एहसास दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं।
कार्यक्रम के दौरान जब क्लब की महिला सदस्यों ने उन मासूम बच्चों को देखा, जिनके सिर पर माता-पिता का साया नहीं है, तो वे भावुक हो उठीं। कई सदस्यों की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बच्चों को गले लगाया, उनके साथ बातें कीं और मां जैसी ममता लुटाई। वहीं बच्चे भी क्लब के सदस्यों के साथ खुलकर घुल-मिल गए। पूरे आश्रम में हंसी, खुशी और अपनत्व का ऐसा माहौल बना कि हर किसी के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली।
रोटरी क्लब के सदस्य राहुल अरोड़ा ने अपना जन्मदिन भी इन बच्चों के बीच मनाया। साथ ही जुलाई माह में जिन बच्चों का जन्मदिन था या आने वाला था, उन सभी के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। बच्चों ने गीत गाए, नृत्य किया और सभी सदस्यों के साथ खेलकर दिन को यादगार बना दिया।
इसी दौरान रोटरी क्लब के पूर्व प्रधान राजीव थरेजा भी बच्चों के साथ पूरी तरह घुलमिल गए। उन्होंने बच्चों के साथ खूब मस्ती की, खेल खेले, नृत्य किया और पंजाबी गीतों पर बच्चों के साथ जमकर भांगड़ा डाला। उनकी ऊर्जा और आत्मीयता को देखकर बच्चे भी खुशी से झूम उठे। राजीव थरेजा ने कहा, "आज इन मासूम बच्चों के साथ समय बिताकर जो खुशी और आत्मिक संतोष मिला है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इन बच्चों की मुस्कान ही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है। मैं चाहता हूं कि समाज का हर व्यक्ति समय निकालकर ऐसे बच्चों के बीच जरूर आए, क्योंकि यहां आकर जीवन की असली खुशियों का एहसास होता है।"
डॉ. सिमरन संधू (प्रधान, रोटरी क्लब एलीट पिहोवा) ने कहा—
"रोटरी क्लब की प्रधान बनने के बाद मेरा पहला सेवा प्रकल्प ऐसा हो, जो जीवनभर याद रहे और किसी के चेहरे पर सच्ची मुस्कान ला सके, यही मेरी इच्छा थी। इसलिए हमने माता गुजरी आश्रम के बच्चों के साथ यह दिन बिताने का निर्णय लिया। इन मासूम बच्चों की मुस्कान हमारे लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं है। आज महसूस हुआ कि सेवा केवल दान देने का नाम नहीं, बल्कि किसी के जीवन में अपनापन और प्यार भरने का नाम है। यदि हम समय-समय पर ऐसे बच्चों के साथ कुछ पल बिताएं, तो उनके जीवन में आशा की नई किरण जग सकती है।"
निधि चावला (सचिव, रोटरी क्लब एलीट) ने कहा—
"हमारा उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं था, बल्कि इन बच्चों को यह एहसास दिलाना था कि वे अकेले नहीं हैं। आज हमने उनके साथ हंसी बांटी, खेल खेले, नृत्य किया और परिवार जैसा माहौल देने का प्रयास किया। बच्चों के चेहरे पर खुशी देखकर हमारी सारी मेहनत सफल हो गई। भविष्य में भी क्लब इसी प्रकार समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए सेवा कार्य करता रहेगा।"
डॉ. अमित अरोड़ा (पूर्व प्रधान) ने कहा—
"जब हमें माता गुजरी आश्रम के बारे में जानकारी मिली तो मन में यही विचार आया कि इस बार सेवा किसी ऐसे स्थान पर की जाए, जहां बच्चों को सबसे अधिक अपनत्व की आवश्यकता है। यहां आकर महसूस हुआ कि इन बच्चों को केवल सहयोग नहीं, बल्कि प्यार और साथ की भी जरूरत है। आज का दिन हम सभी के जीवन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक अनुभव बन गया।"
करण चावला ने कहा—
"आज बच्चों के साथ बिताया गया हर पल हमें जीवन की असली खुशियों का एहसास करवा गया। जब बच्चों ने हमें गले लगाया और मुस्कुराते हुए धन्यवाद कहा, तो लगा कि इससे बड़ा कोई सम्मान नहीं हो सकता। हमारा प्रयास रहेगा कि भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर जारी रहें और अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ें।"
राहुल अरोड़ा ने कहा—
"मैंने अपना जन्मदिन पहली बार परिवार से दूर, लेकिन इतने बड़े परिवार के साथ मनाया। इन बच्चों के साथ केक काटना, उन्हें खिलाना और उनके साथ खुशी साझा करना मेरे जीवन का सबसे यादगार जन्मदिन बन गया। आज समझ आया कि असली खुशी दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। आने वाले समय में भी मैं हर जन्मदिन किसी जरूरतमंद के साथ ही मनाने का प्रयास करूंगा।"
डॉ. दीपिका अरोड़ा ने कहा—
"आश्रम परिवार ने जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ हमारा स्वागत किया, उसके लिए हम हृदय से आभारी हैं। वास्तव में उन्होंने हमें सेवा करने का अवसर दिया है। जब छोटे-छोटे बच्चों ने मुस्कुराकर हमें गले लगाया तो हमारी आंखें नम हो गईं। यह अनुभव शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। मैं विशेष रूप से राहुल अरोड़ा, करण चावला और संजीव गुप्ता का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने इस पूरे कार्यक्रम को बेहद सुंदर और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।"
आश्रम की संचालक बीबी सोहनजीत कौर ने बताया—
"इस आश्रम की शुरुआत मैंने वर्ष 1995 में उस दौर में की थी, जब पंजाब कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। शुरुआत में संसाधनों की भारी कमी थी, लेकिन समाजसेवी संस्थाओं और दानदाताओं के सहयोग से यह कारवां आगे बढ़ता गया। आज यहां 100 से अधिक अनाथ बच्चों का पालन-पोषण, शिक्षा और संस्कारों की जिम्मेदारी आश्रम निभा रहा है। हमारे कई बच्चे आज सरकारी सेवाओं में हैं, कई डॉक्टर और अन्य पेशेवर बने हैं, कुछ विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। हमें गर्व है कि समाज का सहयोग इन बच्चों का भविष्य संवार रहा है।"
कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब एलीट पिहोवा ने आश्रम परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद लोगों तक सेवा, संवेदना और मानवता का यह संदेश लगातार पहुंचाते रहेंगे। इस अवसर पर रोटरी क्लब एलीट पिहोवा की प्रधान डॉ. सिमरन संधू, सचिव निधि चावला, कोषाध्यक्ष रूचि गुप्ता पूर्व प्रधान राजीव थरेजा, पूर्व सचिव गौरव बंसल, डॉ. जसबीर सिंह, राहुल अरोड़ा, कर्ण चावला, संजीव गुप्ता, प्रवीण पुरी, मनीष वधावन, मोहित चावला, डॉ. दीपिका अरोड़ा, कृतिका बंसल, सिमोना थरेजा सिवानी चावला, गोल्डी पुरी, नेहा अरोड़ा, पूजा वधावन सहित क्लब के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
