Sri Ganganagar Crime News: खतरनाक विस्फोटकों को लेकर पकड़े गए पंजाब के दो युवकों ने ‘उमर चाचा’ का नाम लिया
पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा गिराए गए 7.75 किलो एक्टिव आरडीएक्स को डिस्मेंटल किया
Pakistan Drone Arms Smuggling Case: श्रीगंगानगर, (सच कहूँ ब्यूरो)। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र में सोमवार रात पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा गिराई गई खतरनाक विस्फोटक सामग्री और हथियारों की खेप को आज सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने सावधानीपूर्वक डिस्मेंटल कर दिया। पकड़े गए पंजाब के दो युवकों की पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने पाकिस्तान में रहने वाले ‘उमर चाचा’ से संपर्क कर यह माल मंगवाया था। मामले की जांच अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई है।
रावला थाना क्षेत्र के चक 5 केएमएन में खानुवाली पोस्ट से महज एक किलोमीटर दूर सोमवार रात पाकिस्तानी ड्रोन ने तीन पैकेट गिराए थे। इनमें से 7.750 किलोग्राम ब्लैक आरडीएक्स, दो तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और 867 कारतूस,जिनमें 35 खाली थे, बरामद हुए। इसके साथ पांच बैटरियां, एक रिमोट और दो कप्लर भी मिले।
हासिल जानकारी के अनुसार बरामद आरडीएक्स एक्टिव मोड में था। अगर इसे रिमोट और कप्लर से कनेक्ट कर दिया जाता, तो बटन दबाते ही बड़ा धमाका हो सकता था। जयपुर से पहुंची सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने सीआईडी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीक्षा कामरा की देखरेख में पैकेट की जांच की और आरडीएक्स को डिस्मेंटल कर दिया। डिस्मेंटल करने से पहले विस्फोटक पदार्थ आरडीएक्स का नमूना सैंपल जांच के लिए लिया गया। डिस्मेंटल के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से घटनास्थल के 100 मीटर दायरे में लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
सोमवार रात को मौके से गिरफ्तार दोनों युवकों की पहचान लखविंदरसिंह (19) पुत्र जीतसिंह, निवासी अलीके थाना फिरोजपुर सदर, जिला फिरोजपुर और सुखविंदरसिंह (20) पुत्र सतसिंह रामसिख, निवासी धर्मसिंह दी छन्ना तहसील नकोदर थाना महतपुर जिला जालंधर (पंजाब) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि फिरोजपुर के अलीके निवासी रामसिंह उर्फ मन्नी रायसिख उन्हें कई दिनों से बॉर्डर पार से माल लाने के लिए कह रहा था।
रामसिंह ने ही पाकिस्तान में रहने वाले उमर चाचा से उनकी बात करवाई और यह माल मंगवाया। वे रामसिंह के कहने पर ही रावला इलाके के इस गांव में पाकिस्तान सीमा के निकट खेतों में माल लेने पहुंचे थे। दोनों युवक इंस्टाग्राम कॉलिंग के जरिए मुख्य हैंडलर के संपर्क में थे। यह युवक तीन-चार दिन पहले इस इलाके में आए और खेती मजदूरी करने लगे मगर इसकी आड़ में पाकिस्तान से उक्त सामग्री मंगवाने के लिए अच्छी लोकेशन की रेकी भी करते रहे।
पंजाब के ग्रेनेड हमले में भी शामिल था आरोपी
गिरफ्तार सुखविंदरसिंह विगत 13 सितंबर को पंजाब के जलालाबाद थाने पर हुए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था। हमले के बाद से वह फरार था। एटीएस के एक अधिकारी के अनुसार हमले से दो-तीन दिन पहले सुखविंदर और उसके साथी विक्की उर्फ गुरप्रीतसिंह बाइक से फिरोजपुर जिले के मक्खू शहर गए थे, जहां पाकिस्तान से ग्रेनेड भिजवाया गया था। उसके बाद हमला किया गया।दोनों आरोपी घटना से दो-तीन दिन पहले श्री गंगानगर जिले के ही रामसिंहपुर थाना क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर आए थे। वे मजदूरी करने के बहाने श्रीबिजयनगर क्षेत्र के खेतों में नरमा चुगने का काम कर रहे थे। बीच-बीच में बाइक से रावला के गांव 12-केएनडी पहुंचकर सीमावर्ती क्षेत्र की रेकी भी करते थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उन्होंने किन स्थानों की जानकारी जुटाई और ड्रोन से गिराई खेप उठाने की जिम्मेदारी किसने सौंपी।
एनआईए, एटीएस, एएनटीएफ और बीएसएफ की संयुक्त जांच
मामले में अब एनआईए के साथ एटीएस, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, बीएसएफ, सीआईडी और स्थानीय पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। मुख्य हैंडलर की पहचान, खेप भेजने का उद्देश्य और आरोपियों के पूरे नेटवर्क की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। पंजाब के अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए भी शिकंजा कस दिया गया है।यह बरामदगी दीपावली से पहले सीमा पार से बड़ी साजिश को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है।