श्री धानका धर्मशाला समिति विवाद खुलकर आया सामने, वर्तमान व पूर्व कार्यकारिणी आमने-सामने

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Dhanka Dharamshala Committee dispute: हनुमानगढ़। टाउन स्थित श्री धानका धर्मशाला समिति की वर्तमान और पूर्व कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। शनिवार को धर्मशाला परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बढ़ते-बढ़ते हाथापाई की स्थिति तक पहुंच गई। मौके पर मौजूद समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। वर्तमान कार्यकारिणी ने पूर्व पदाधिकारियों पर रुपए के गबन, हिसाब न देने, धमकाने और धर्मशाला परिसर में तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए हैं। Hanumangarh News

कुछ लोग जबरन धर्मशाला परिसर में घुसे और वहां लगे फ्लैक्स फाड़ दिए

समिति अध्यक्ष सेवाराम नागर के अनुसार शुक्रवार, 13 फरवरी की शाम करीब 4.15 बजे कुछ लोग जबरन धर्मशाला परिसर में घुसे और वहां लगे फ्लैक्स फाड़ दिए, कुर्सियां तोड़ दीं तथा दीवारों पर लिखे नामों पर कालिख पोत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त लोगों ने गाली-गलौज भी की। नागर ने बताया कि इस संबंध में पुलिस थाने में शिकायत दी गई है। उनका कहना है कि समिति से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों पर करीब 50 हजार रुपए बकाया हैं, जो वापस नहीं किए जा रहे और हिसाब मांगने पर धमकियां दी जा रही हैं। नागर ने यह भी कहा कि शनिवार को दोबारा धर्मशाला परिसर में आकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है।

वहीं, दूसरी ओर समिति के पूर्व अध्यक्ष इन्द्र निनानिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पूर्व कार्यकाल में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह सहित अन्य कार्यक्रमों में राशि खर्च की गई थी और वर्तमान अध्यक्ष उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला की स्थापना वर्ष 1964 में जिन लोगों ने की थी, उनके नामों के फ्लैक्स लगाए गए थे, जिन्हें हटाया गया। उनके अनुसार, नामों पर कालिख पोतने का काम उनकी ओर से नहीं किया गया, बल्कि उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल विवाद को लेकर समाज में चर्चा बनी हुई है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों पर कायम हैं। Hanumangarh News

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