शिक्षा और रोजगार
कैराना ब्लॉक प्रांगण में खड़े कई पेड़ों पर चला 'कुल्हाड़ा'
काटे गए पेड़ों में यूकेलिप्टस, बकायन, पिलखन व जंगल जलेबी के पेड़ शामिल, अनुमति से अधिक संख्या में पेड़ कटवाने की भी चर्चा
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: कैराना ब्लॉक प्रांगण में खड़े कई पेड़ों को काटे जाने का मामला सामने आया है। इनमें यूकेलिप्टस, बकायन व पिलखन आदि के पेड़ शामिल है। हालांकि बीडीओ पेडों को जरूरी होने पर ही वैध अनुमति के पश्चात काटे जाने की बात कह रहे है।
गुरुवार को कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित ब्लॉक प्रांगण में खड़े कुछ पेड़ों पर जमकर कुल्हाड़ा चला। इस दौरान यूकेलिप्टस समेत कई पेड़ों को कुल्हाड़ा व आरी आदि से धराशायी कर दिया गया। ब्लॉक कार्यालय में तैनात बाबू के अनुसार, वन विभाग की अनुमति के पश्चात इन पेड़ों के काटने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल छह पेड़ काटे गए है, जिनमें यूकेलिप्टस, बकायन, जामुन, पिलखन व जंगल जलेबी के पेड़ शामिल है। बाबू ने ब्लॉक परिसर में खड़े इन पेड़ों के काटने के पीछे कई वजह बताई है। बाबू के अनुसार, पिलखन का पेड़ सूखा होने की वजह से काटा गया है, जबकि बकायन, जंगल जलेबी व जामुन के पेड़ आंधी में उखड़ गए थे।
यूकेलिप्टस का एक पेड़ बीडीओ कार्यालय पर काफी झुका होने के कारण कटवाया गया है, जबकि दूसरे पेड़ को बाल विकास परियोजना अधिकारी के निर्माणाधीन कार्यालय के प्रवेश द्वार के सामने आने पर हटवाया गया है। हालांकि ब्लॉक में वैध अनुमति की आड़ में संख्या से अधिक पेडों के कटवाए जाने की चर्चा है। इनमें यूकेलिप्टस के पेड़ बताए गए है। अवैध रूप से काटे गए यूकेलिप्टस के ये पेड़ काफी पुराने थे, जिनकी कीमत कई हजार रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि सांठ-गांठ करके ये पेड़ कटवाए गए है। वहीं, बीडीओ कैराना रोहित शर्मा का कहना है कि अनुमति लेने के पश्चात तथा जरूरी होने पर ही पेडों को कटवाया गया है। अनुमति के बिना पेड़ों के कटवाए जाने की बात सही नही है।