ई-कचरा पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा: राकेश सैनी

ई-कचरा पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा: राकेश सैनी

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कैराना, सच कहूँ न्यूज़। Kairana News: प्राथमिक विद्यालय बदलूगढ़ कैराना में बच्चों को ई-कचरे के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रधानाध्यापक राकेश सैनी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि लोग मोबाइल, चार्जर, बैटरी आदि को खराब होने के बाद बेच देते है अथवा फेंक देते है। परन्तु ज्यादातर लोग इस बात से अनभिज्ञ है कि इनके अंदर भरा लेड, पारा, कैडमियम आदि तत्व जमीन और पानी को जहरीला बनाते रहते है। ई-कचरा साधारणतः अपने आप नष्ट नहीं होता अर्थात यह मिट्टी में नहीं मिलता। इसके अलावा, ई-कचरा एक तरह से खजाना भी होता है। जैसे एक टूटे फोन में सोना, तांबा, चांदी आदि निकलता है।

ई-कचरे को इधर-उधर न फेंककर केवल काले डस्टबिन में ही इक्कठा करना चाहिए।टूटे मोबाइल और लैपटॉप आदि को डस्टबिन में डालने से पहले उसमें संग्रहित डेटा को पूरी तरह से हटा देना चाहिए। इसके पश्चात, ई-कचरे के सामान को अधिकृत संग्रह केंद्रों अथवा पुनर्चक्रणकर्ता को सौंपें। कई इलेक्ट्रॉनिक कंपनियां विस्तृत उत्पादक उत्तरदायित्व के तहत पुराने उपकरण वापस लेती है। नया सामान खरीदते समय कंपनी से टेक-बैक विकल्प के बारे में भी अवश्य पूछना चाहिए। प्रधानाध्यक ने अपील की है कि ई-कचरे का सही प्रबंधन करके पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।

 

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