पलवल में वायरल बुखार का कहर, जिंदगी की जंग हार रहे मरीज

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पलवल। उत्तर प्रदेश के बाद अब हरियाणा में भी वायरल बुखार ने कहर बरपाना शुरू कर दिया। प्रदेश के पलवल जिले में बुखार से लोग जिंदगी की जंग हार रहे हैं। इन मौतों को लेकर जिले के लोगों में दहशत है। इन्हें डेंगू के कारण हुई मौतें बताया जा रहा है। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का कहना है कि मरीजों के सैंपल्स में डेंगू का डी2 स्ट्रेन पाया गया है। यह स्ट्रेन बहुत घातक होता है और अक्सर रक्तस्राव का कारण बनता है। इसके अलावा यह प्लेटलेट काउंट को भी प्रभावित करता है।

आईसीएमआर के प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि मच्छरों को पनपने से रोक कर रही इससे बचाव संभव है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि डेंगू के नए स्ट्रेन का प्रकोप उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा से सामने आया है जबकि मच्छर से होने वाली बीमारियां पूरे देश में बढ़ रही हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है। जिले में डेंगू का 1 और मलेरिया के 3 मामले हैं और उनकी जांच की जा रही है। उधर, जिले की निजी लैब में डेंगू के मामलों की खूब पुष्टि हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उनकी रिपोर्ट को सही नहीं मान रहा है।

डेंगू का डी2 स्ट्रेन क्या है

डेंगू बुखार चार प्रकार का होता है, जिसमें डी2 बेहद खतरनाक है। इसके अंदर बीमारी पैदा करने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है। इसे डेंगू शॉक सिंड्रोम से जोड़कर भी देखा जाता है। इसमें मरीज को बुखार के साथ अचानक ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, जिससे मरीज की मृत्यु हो सकती है।

क्या लक्षण उभरते हैं

इसमें फ्लू जैसे लक्षण उभरते हैं, जो 2 से 7 दिन तक रह सकते हैं। डेंगू मच्छर के काटने पर बीमारी 4 से 10 दिन के भीतर सिर उठाती है। शुरूआत में सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मिचली आना, उल्टी, हड्डियों या मांसपेशी में दर्द, चकत्ते आने के लक्षण होते हैं। अगर सही से इलाज न मिला तो यही सामान्य डेंगू गंभीर बन जाता है और पेटदर्द, खून की उलटी, तेज सांस चलना, मसूड़ों से खून जैसे लक्षण आ सकते हैं। ऐसे में तुरंत अस्पताल लेकर जाना सही है।

 

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