The Embankments

तटबंधों को तोड़ती हिंदी भाषा

कभी गोविंदवल्लभ पंत ने कहा था कि हिंदी और नागरी का प्रचार तथा विकास कोई रोक नहीं सकता। उनकी कही बातें आज अक्षरश: सच साबित हो रही है। भाषा के तौर पर हिंदी अपने सभी प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ लोकप्रियता का आसमान छू रही है और उसकी वैश्विक स्वीकार्यता लगातार बढ़ती जा रही है। वैश्विक […]
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