Vikram Betal

वोटकटवा की अमर कहानी

हठी राजा विक्रम पेड़ के पास लौट आया और पेड़ से लाश उतारकर हमेशा की तरह कन्धे पर डालकर चुपचाप श्मशान की ओर चलने लगा। तब लाश में घुसे हुए बैताल ने कहा, ‘राजन, तुम यह बेकार का श्रम कर रहे हो, इससे तुम्हें कोई फायदा होने वाला नहीं है, जैसा कि एक नेताजी को […]
संस्कृति एवं समाज