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    हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा तुरंत दोगुना किया जाए: दीपेन्द्र

    Haryana's oxygen quota should be doubled immediately Dipendra

    सांसद दीपेन्द्र हुड्डा प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को लेकर उठाए सवाल

    सच कहूँ/अनिल कक्कड़ चंडीगढ़। राज्य सभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कोरोना से लड़ाई के लिये सरकार को सात सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि वार रूम के हेल्पलाइन नंबर ऐसे हों कि जनता को विश्वास हो सके कि संपर्क करने के बाद मरीज को बेड, ऑक्सीजन, दवाईयां आदि हर हाल में मिलेगी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि पूरे हरियाणा में हॉस्पिटल बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों के बारे में सरकारी दावे जमीनी हकीकत के बिल्कुल विपरीत हैं।

    ऑक्सीजन किल्लत से हालात डरावने है, जनता में हा-हाकार मच रहा है। न बेड मिल रहे हैं, न ऑक्सीजन मिल रही है न दवाईयां मिल रही हैं। सरकार में बैठे लोग कोरोना महामारी को सरकारी चश्मा उतारकर जनता के चश्मे से देखें फिर वास्तविकता का पता चलेगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी की समस्या गम्भीर है। प्रदेश के अस्पतालों से लगातार ऑक्सीजन किल्लत की खबरें आ रही हैं। उन्होंने हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा तुरंत दोगुना करने की मांग करते हुए हरियाणा सरकार से आग्रह किया कि इस विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित करे। साथ ही केंद्र सरकार से अपील करी कि कैसे भी कर के हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाया जाए।

    सरकार जमीनी सच्चाई से नजर चुरा रही

    सांसद ने कहा कि बार-बार आगाह करने के बावजूद सरकार जमीनी सच्चाई से नजर चुरा रही है। महामारी की इस विपत्ति के दौर में भी मानवीय आग्रह का जवाब राजनीतिक-टीका टिप्पणी के जरिए दिया जा रहा है। इस असंवेदनशीलता का खामियाजा हरियाणा की जनता को चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि हरियाणा सरकार बताए, ये कैसी गवर्नन्स है? क्या कोई कंट्रोल रूम है हरियाणा में जो स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहा हो? क्या कोई हेल्पलाइन है जिस पर लोग फोन करके बेड, दवा, ऑक्सीजन, डॉक्टरी सलाह के लिए गुहार लगा सकें? उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन संकट भयावह हो गया है।

    दीपेंद्र के सरकार को सुझाव

    1. हर जिले में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिये एक वॉर रुम की स्थापना की जाए।
    2. जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाए जो वॉर रुम का संचालन करे।
    3. संबंधित जिले का सिविल सर्जन इस कमेटी का अनिवार्य रूप से सदस्य हो।
    4. 24 घंटे एक वरिष्ठ अधिकारी वॉर रुम में जरुर ड्यूटी पर रहे।
    5. वॉर रुम के पास अस्पतालों में खाली बेड, ऑक्सीजन और दवाईयों का पूरा डेटा हो।
    6. आने वाले दिनों में कोरोना के इलाज के लिये अस्थायी अस्पताल की जरुरत पड़े तो उसके लिये अभी से स्थान चिन्हित किया जाए।
    7. वॉर रूम के टेलीफोन और मोबाईल नंबर समाचार पत्रों के माध्यम से आम जनता की जानकारी में लाये जाएं

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