भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारियों के वेतन ढांचे में व्यापक सुधार की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया है। संघ ने केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 72 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके। संघ का कहना है कि वर्तमान वेतन संरचना को महंगाई, आय वृद्धि और पारिवारिक जिम्मेदारियों के अनुरूप संशोधित करना समय की आवश्यकता है। 8th Pay Commission News
प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के आधार पर वेतन बढ़ाने की मांग
संघ ने अपने ज्ञापन में बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देश की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी आधार पर न्यूनतम वेतन में भी यथोचित संशोधन आवश्यक है, जिससे कर्मचारियों की वास्तविक क्रय-शक्ति बनी रहे। संघ ने सुझाव दिया कि भविष्य में वेतन संशोधन को राष्ट्रीय आय वृद्धि से जोड़ा जाए, ताकि वेतन निर्धारण अधिक पारदर्शी और तार्किक बन सके। संघ की प्रमुख मांगों में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 4 करने का सुझाव भी शामिल है। वर्तमान व्यवस्था में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये के आधार पर निर्धारित है, जबकि प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर शुरुआती वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकती है। संघ का मानना है कि यह कदम महंगाई भत्ता, मुद्रास्फीति और आय स्तर के अंतर को संतुलित करने में सहायक होगा।
ज्ञापन में वार्षिक वेतन वृद्धि की दर को वर्तमान 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का सुझाव दिया गया है। संघ के अनुसार महंगाई भत्ता केवल मूल्य वृद्धि की भरपाई करता है, जबकि वास्तविक आय में सुधार के लिए वार्षिक वृद्धि दर का अधिक होना आवश्यक है। संघ ने वेतन निर्धारण में प्रयुक्त पारिवारिक इकाई की अवधारणा को तीन सदस्यों से बढ़ाकर पांच सदस्यों तक करने का प्रस्ताव दिया है। इससे कर्मचारियों की वास्तविक पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से ध्यान में रखा जा सकेगा। संघ का कहना है कि कर्मचारी अक्सर अपने माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों की जिम्मेदारी निभाते हैं, इसलिए वेतन गणना में इस तथ्य को शामिल करना आवश्यक है। 8th Pay Commission News
8वें वेतन आयोग की प्रमुख जानकारी
- भारत सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित संशोधनों पर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा।
- आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
- आयोग ने विभिन्न संगठनों और हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक ज्ञापन प्रस्तुत करने की समय सीमा निर्धारित की है। इसके बाद प्राप्त प्रस्तावों का अध्ययन कर अंतिम सिफारिशें तैयार की जाएंगी। 8th Pay Commission News















