जयपुर (एजेंसी)। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के 12 छक्कों की मदद से बने 103 रन की आतिशी पारी बेकार गयी क्योंकि राजस्थान रॉयल्स को कई कैच टपकाने के कारण सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों शनिवार को आईपीएल मुकाबले में नौ गेंद शेष रहते पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा। राजस्थान ने छह विकेट पर 228 रन का मजबूत स्कोर बनाया लेकिन उसके गेंदबाज हैदराबाद को नहीं रोक सके। हैदराबाद ने 18.3 ओवर में पांच विकेट पर 229 रन बनाकर आठ मैचों में अपनी पांचवीं जीत हासिल की और तालिका में राजस्थान को अपदस्थ कर तीसरे स्थान पर पहुंच गया। दूसरी तरफ राजस्थान को आठ मैचों में तीसरी हार झेलनी पड़ी और वह चौथे स्थान पर खिसक गया।
हैदराबाद की तरफ से ईशान किशन ने 31 गेंदों में 74 रन, अभिषेक शर्मा ने 29 गेंदों में 57 रन, हेनरिक क्लासेन ने 29 और नीतीश कुमार रेड्डी ने 36 रन बनाये। राजस्थान की हार का मुख्य कारण उसकी बेहद खराब फील्डिंग रही। उसके खिलाड़ियों ने कई कैच टपकाये। ध्रुव जुरेल ने पहली गेंद पर कैच छोड़ा लेकिन यह महंगा साबित नहीं हुआ। बाकी खिलाड़ियों ने जरूर कैच छोड़ा क्योंकि हेटमायर, जडेजा और बृजेश के कैच छोड़ने से उन्हें नुकसान हुआ। अभिषेक का कैच 4 और 30 रन पर हेटमायर और जडेजा ने छोड़ा। अभिषेक जैसे खिलाड़ियों को मौके नहीं दे सकते और आरआर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। दूसरे विकेट की साझेदारी 132 रन की थी और इससे यह पक्का हो गया कि जरूरी रन रेट कम हो गया।
इससे पहले 15 वर्षीय सूर्यवंशी ने प्रफुल हिंगे के पारी के पहले ओवर में चार छक्के उड़ाने सहित 37 गेंदों पर 103 रन की विस्फोटक पारी में पांच चौके और 12 छक्के उड़ाए। शतक पूरा करने के बाद सूर्यवंशी 14 वें ओवर में पांचवीं गेंद पर आउट हुए। ध्रुव जुरेल ने 51 और डोनोवन फरेरा ने 33 रनों का योगदान दिया। जुरेल ने 35 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाया जबकि फरेरा ने 16 गेंदों में तीन चौके और तीन छक्के उड़ाए। वैभव सूर्यवंशी बदला लेने के मूड में आए। पिछली बार जब ये दोनों टीमें मिली थीं, तो वे बिना खाता खोले आउट हो गए थे, उन्होंने पहली ही गेंद से ताबड़तोड़ शुरूआत की – पहले ओवर में प्रफुल्ल हिंगे को चार छक्के मारे। इसने राजस्थान रॉयल्स के लिए टोन सेट कर दिया, और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
32 रन पर अनिकेत वर्मा ने सूर्यवंशी का कैच छोड़ा, जिसके बाद उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी – उन्होंने 15 गेंदों में फिफ्टी बनाई और फिर उसे 36 गेंदों में शानदार सेंचुरी में बदल दिया। ध्रुव जुरेल ने दूसरे विकेट के लिए 100 से ज्यादा रन की पार्टनरशिप करते हुए आइडियल सपोर्टिंग रोल निभाया। डोनोवन फरेरा (16 गेंदों में 33) ने थोड़ी देर के लिए अच्छा खेला, लेकिन आखिर में वे धीमे पड़ गए – आखिरी 5 ओवर में सिर्फ़ 44 रन बने।















