ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज न करें, जागरूकता और नियमित जांच से बचाव संभव
बड़ौत (सच कहूँ/डॉ संदीप कुमार दहिया)। Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर आज महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है, लेकिन समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो इससे बचाव और उपचार पूरी तरह संभव है। मेडिसिटी हॉस्पिटल के एमबीबीएस, डीएम मेडिकल ऑन्कोलॉजी और कैंसर विशेषज्ञ ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि डरने की नहीं, बल्कि समय पर समझदारी दिखाने की जरूरत है।
शुरुआती संकेतों को समझें, अनदेखी न करें
डॉ. तरुण तोमर ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य लगते हैं, जिन्हें महिलाएं नजरअंदाज कर देती हैं। जैसे स्तन में गांठ महसूस होना, आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा का सिकुड़ना या लाल पड़ना, निप्पल से किसी प्रकार का स्राव होना या दर्द महसूस होना—ये सभी संभावित संकेत हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे किसी aभी बदलाव को हल्के में न लें और तुरंत जांच कराएं।
रोकथाम और बचाव के आसान उपाय | Breast Cancer
उन्होंने बताया कि नियमित जांच और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को समय-समय पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना और नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है। हर महिला को महीने में एक बार स्वयं जांच करने की आदत डालनी चाहिए, जिससे किसी भी बदलाव का जल्दी पता चल सके।
समय पर इलाज से बढ़ती है ठीक होने की संभावना
डॉ. तरुण तोमर ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर का इलाज उसकी अवस्था पर निर्भर करता है। शुरुआती चरण में सर्जरी के माध्यम से गांठ को हटाया जाता है, जिससे बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है। इसके अलावा दवाओं द्वारा उपचार, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। कुछ मामलों में हार्मोन आधारित उपचार भी प्रभावी होता है।
डॉ तरुण तोमर ने बताया कि यदि कैंसर का पता शुरुआती अवस्था में चल जाए तो इलाज के सफल होने की संभावना बहुत अधिक होती है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि डरने की नहीं, जागरूक रहने की जरूरत है। समय पर पहचान, सही इलाज और सकारात्मक सोच के साथ ब्रेस्ट कैंसर को हराया जा सकता है। Breast Cancer















