हरियाणा के इस गांव में नेताओं की नो एंट्री, जानें क्या है मामला

फतेहाबाद (विनोद शर्मा)। हरियाणा सरकार के पंचायतों में कार्य ई-टेंडरिंग से करवाने के फैसले के खिलाफ पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के टोहाना हलके के सबसे बड़े गांव समैन ने घोषणा की कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी समेत सभी दलों के नेताओं को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ग्रामीणों की सुबह सरपंच रणबीर गिल की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें यह फैैसला लिया गया।

क्या है मामला

ई-टेंडरिंग के खिलाफ रोष जताया गया। सामूहिक रूप से फैसला लिया गया कि जब तक ई-टेंडरिंग का फैसला वापस नहीं होता, तब तक गांव समैन में सत्ताधारी पार्टी जजपा-भाजपा सहित किसी भी राजनीतिक दल के नेता को गांव में नहीं आने दिया जाएगा। बैठक के बाद सरपंच रणबीर गिल ने बताया कि गांव ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को ई-टेंडरिंग के खिलाफ प्रदेशभर के पंच सरपंच टोहाना में एकत्रित होंगे। इसके लिए शहर के निजी पैलेस में सम्मेलन रखा गया है, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

चुने लोग आएं अपना सुझाव रखें: बबली

इस बीच, पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली गांव में पहुंचे, हालांकि विरोध की आशंका के कारण उनके कार्यक्रम का स्थान बदल दिया गया। उन्होंने आरोेप लगाया कि राजनीति में नकारे जा चुके कुछ लोग एक होते भाईचारे को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम के बाद मंत्री जब अगले गांव जाने लगे तो रास्ते में खड़े ग्रामीणों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। बबली ने कहा कि यदि कोई समस्या है, सुझाव है तो चुने लोग आएं अपना सुझाव रखें। यहां-वहां विरोध करने से कुछ हासिल नहीं होने वाला, इससे वे अपने क्षेत्र के विकास को बाधित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ई-टेंडरिंग का फैसला लेकर जताया है कि जनता के पैसे को दीमक की तरह अब खाने नहीं दिया जाएगा।

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