Google से Meta तक, दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के CEO की कितनी है सैलरी? सुंदर पिचाई से मार्क जुकरबर्ग तक की कमाई जानकर उड़ जाएंगे होश
Google से Meta तक, दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के CEO की कितनी है सैलरी? सुंदर पिचाई से मार्क जुकरबर्ग तक की कमाई जानकर उड़ जाएंगे होश
CEO Salary in India Rupees: आज के डिजिटल दौर में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो Google, Facebook, Instagram और Microsoft का इस्तेमाल नहीं करता हो। करोड़ों लोग रोजाना इन प्लेटफॉर्म्स पर अपना समय बिताते हैं। कोई गूगल पर जानकारी सर्च करता है, तो कोई फेसबुक और इंस्टाग्राम पर घंटों स्क्रॉल करता रहता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन बड़ी टेक कंपनियों को चलाने वाले CEO की सैलरी कितनी होती है? क्या उन्हें भी हर महीने आम कर्मचारियों की तरह फिक्स सैलरी मिलती है या उनकी कमाई का कोई अलग तरीका होता है? Google के CEO सुंदर पिचाई, Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग और Microsoft के CEO सत्या नडेला की कमाई के आंकड़े जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इनमें किसी की बेस सैलरी करोड़ों रुपये है, तो कोई सिर्फ 1 डॉलर सालाना बेस सैलरी लेता है।
Google के CEO सुंदर पिचाई की कितनी है सैलरी?
<escape>Google</escape> की पैरेंट कंपनी Alphabet के CEO सुंदर पिचाई दुनिया के चर्चित टेक लीडर्स में शामिल हैं। भारतीय मूल के सुंदर पिचाई की कमाई का बड़ा हिस्सा उनकी बेस सैलरी के अलावा शेयर अवॉर्ड और अन्य भुगतान से आता है।
कंपनी की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, सुंदर पिचाई को सालाना बेस सैलरी के तौर पर करीब 20 लाख डॉलर मिले। भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 17.6 करोड़ रुपये बैठती है।
हालांकि, उनकी कुल सालाना कमाई सिर्फ बेस सैलरी तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में उनका कुल मुआवजा करीब 1.09 करोड़ डॉलर यानी लगभग 96 करोड़ रुपये बताया गया।
इससे साफ है कि बड़ी टेक कंपनियों के CEO की कमाई में बेस सैलरी के साथ शेयर और दूसरे तरह के भुगतान की भी अहम भूमिका होती है।
Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग की बेस सैलरी सिर्फ 1 डॉलर
- <escape>Facebook</escape> और Instagram की पैरेंट कंपनी Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग की सैलरी का आंकड़ा सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Meta के मुखिया मार्क जुकरबर्ग सालाना बेस सैलरी के तौर पर सिर्फ 1 डॉलर लेते हैं।
- कंपनी की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी सालाना बेस सैलरी महज 1 डॉलर रही। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनकी कुल कमाई भी इतनी ही है।
- मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में मार्क जुकरबर्ग का कुल सालाना मुआवजा करीब 2.51 करोड़ डॉलर यानी लगभग 221 करोड़ रुपये रहा।
- दरअसल, उनकी कमाई में कंपनी से मिलने वाले अन्य लाभ और सुरक्षा संबंधी खर्चों का भी योगदान होता है। जुकरबर्ग की संपत्ति का बड़ा हिस्सा Meta के शेयरों में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ा है।
Microsoft के CEO सत्या नडेला की कमाई कितनी है?
- Microsoft के CEO सत्या नडेला भी दुनिया के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले कॉर्पोरेट अधिकारियों में शामिल हैं। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनी के शेयर अवॉर्ड और परफॉर्मेंस आधारित भुगतान से आता है।
- कंपनी की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, सत्या नडेला का कुल सालाना मुआवजा करीब 9.65 करोड़ डॉलर यानी लगभग 850 करोड़ रुपये बताया गया।
- इसमें उनकी बेस सैलरी करीब 25 लाख डॉलर थी। इसके अलावा लगभग 8.42 करोड़ डॉलर के शेयर अवॉर्ड और करीब 95.5 लाख डॉलर का परफॉर्मेंस आधारित भुगतान शामिल था।
- इस तरह उनकी कुल कमाई में बेस सैलरी की तुलना में शेयर अवॉर्ड और प्रदर्शन आधारित भुगतान का हिस्सा काफी ज्यादा है।
तीनों CEO की सैलरी में कितना है अंतर?
अगर सुंदर पिचाई, मार्क जुकरबर्ग और सत्या नडेला की कमाई की तुलना करें तो तीनों के वेतन का ढांचा काफी अलग दिखाई देता है।
- सुंदर पिचाई: करीब 20 लाख डॉलर सालाना बेस सैलरी और लगभग 1.09 करोड़ डॉलर कुल मुआवजा।
- मार्क जुकरबर्ग: सिर्फ 1 डॉलर सालाना बेस सैलरी और लगभग 2.51 करोड़ डॉलर कुल मुआवजा।
- सत्या नडेला: करीब 25 लाख डॉलर बेस सैलरी और लगभग 9.65 करोड़ डॉलर कुल मुआवजा।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि बड़ी टेक कंपनियों में CEO की कमाई सिर्फ हर महीने मिलने वाली फिक्स सैलरी पर निर्भर नहीं करती। इसमें शेयर, बोनस, प्रदर्शन आधारित भुगतान और अन्य सुविधाएं भी शामिल होती हैं।
आखिर CEO की कमाई में शेयर और बोनस की इतनी बड़ी भूमिका क्यों?
बड़ी कंपनियों में CEO को मिलने वाले कुल मुआवजे का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन से जोड़कर रखा जाता है। इसका मकसद कंपनी के लंबे समय के विकास और बेहतर नतीजों के लिए अधिकारियों को प्रोत्साहित करना होता है।
कई कंपनियां अपने CEO को शेयर अवॉर्ड देती हैं। इन शेयरों की कीमत कंपनी के प्रदर्शन और शेयर बाजार में उसकी स्थिति के साथ बदल सकती है। इसके अलावा निर्धारित लक्ष्य हासिल करने पर बोनस और परफॉर्मेंस पेमेंट भी मिलता है।
यही वजह है कि किसी CEO की बेस सैलरी भले ही कम दिखाई दे, लेकिन उसका कुल सालाना मुआवजा करोड़ों या अरबों रुपये तक पहुंच सकता है।
कुल मिलाकर, सुंदर पिचाई, मार्क जुकरबर्ग और सत्या नडेला की कमाई बताती है कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में CEO का वेतन केवल बेस सैलरी तक सीमित नहीं होता। शेयर अवॉर्ड, बोनस और अन्य भुगतान ही उनकी कुल कमाई को इतना बड़ा बना देते हैं।
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