Country worker standing on the brink of misery

बदहाली के कगार पर खड़ा देश का श्रमिक

श्रमिक दिवस मुख्यता कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति के लिए समर्पित माना जाता है। लेकिन वह इंसान शुरू से अब तक हाशिए पर ही है। इन्हें दूसरे वर्गों की भांति विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कागजी वायदे काफी किए गए, लेकिन धरातल पर सब शुन्य! सहूलियतों के अलावा अब इनके हिस्से का पारिश्रमिक […]
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