national artists

राष्ट्रीय कलाकारों की दुर्दशा क्यों

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यह भी बात नहीं कि देश में कला की संभाल के लिए कोई मार्गदर्शक इतिहास नहीं है। प्राचीन से लेकर मध्यकाल तक कलाकारों/साहित्यकारों को समय के शासकों द्वारा जागीरें देकर सम्मान देने की परंपरा रही है तब पुरुस्कार कम व आवश्यकता की वस्तु जैसे पैसे व जायदाद को अधिक महत्व दिया जाता था।
Make a concrete policy to protect the forest from fire

वनों को आग से बचाने के लिए बने ठोस नीति

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वनों के बिना धरती दिवस मनाने का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। वनों की तबाही के होते विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। बेहतर हो यदि अमीर देश व अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं वनों को बचाने के लिए कोई ठोस मुहिम चलाएं, हर घटना पर चुप रहने से समस्या का निराकरण नहीं हो सकता।
War for peace

अमन के लिए युद्ध

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इस दौर की दिलचस्प बात यह भी है कि अमेरिका की राजनीति से ज्यादा विश्व में घटित अन्य घटनाएं भी अधिक महत्व रख रही हैं। ट्रम्प इस वर्ष फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे हैं। अमेरिका के नेता चुनाव जीतने के लिए युद्ध को भी चुनावी रणनीति में रखते हैं।
Political violence

राजनीतिक हिंसा व विद्यार्थी

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राजनीति व शिक्षा के आपसी सम्बधों से इनकार नहीं लेकिन शिक्षा को राजनीतिक रंग देना देश के साथ सरासर खिलवाड़ है। बेहतर हो यदि राजनीतिक पार्टियां अपने हितों को साधने की बजाए जनता के हितों को संसद /विधान सभा या राजनीतिक सभाओं तक सीमित रखें।
Nankana Sahib

ननकाना साहिब में आतंकवादियों का हंगामा

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दोनों देशों के बीच टकराव के बावजूद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने कॉरीडोर खोलने के समारोह में भाग लिया था। ऐसे निर्णय पाक में बैठे कट्टरपंथियों व आतंकवादियों को हजम होना, मुमकिन नहीं।
media

गैर जिम्मेवार हो विश्वसनीयता खो रहा मीडिया

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पिछले माह पंजाब की एक प्रसिद्ध निजी यूनिवर्सिटी में किसी छात्रा के साथ दुराचार होने व पीड़िता के खुदकशी की अफवाह उड़ गई। लेकिन किसी शव के बिना कैसे खबर चली कि किसी ने खुदकुशी की है?
Health Services

स्वास्थ्य सेवाओं का निकला जनाजा

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यही कारण है कि उपचार करवाने के लिए सरकारी अस्पताल की बजाए निजी अस्पतालों में लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। हालांकि कुछ ऐसे अधिकारी व कर्मचारी भी हैं जो ईमानदारी व निष्ठा भाव से ड्यूटी करते हैं, लेकिन चंद लोग व्यवस्था को नहीं बदल सकते। देश में मशीनरी या फंड की कमी नहीं।
Save daughters

सार्थक प्रयासों से ही बचेंगी बेटियां

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पूज्य गुरू संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने बेटियों के वास्ते कई मुहिमें चलाई हैं जिनमें ‘कुल का क्राउन' के द्वारा रूढ़िवादी विचारधारा को बदलने का बीड़ा उठाया गया है। इस मुहिम के तहत अब बेटी से भी वंश चलने लगा है। आमतौर पर वंश चलाने का जिम्मा बेटों पर ही था।
Inflation is no longer an issue

महंगाई अब मुद्दा  ही नहीं रही

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चाहे पिछले सालों की तुलना में संसद के कामकाज के आंकड़े अच्छे दिखते हैं लेकिन एक स्वस्थ, तार्किक, मुद्दों पर आधारित बहस लगभग गायब सी हो गई है और उसकी जगह मुद्दाविहिन, अतार्किक बहस ने ले लिया है। राजनीति के सिद्धांत खत्म होते जा रहे हैं। सत्ता हासिल करना ही आज एकमात्र सिद्धांत रह गया है।
HAPPY-NEW-YEAR

खुशी भरने वाला हो हर कर्म

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अब सवाल यह है कि विनाश की ओर बढ़ रहे समय में कोई पल उत्सव कैसे हो सकता है? अत: प्रत्येक जन को सृजन व संरक्षण के लिए संकल्प लेना होगा।

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संगरूर के तीन गांवों में विकास कार्यों की शुरुआत

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