सावधानी ही बड़ा हथियार
इस मामले में प्रत्येक भारतीय को सावधानी के साथ-साथ मानवता के प्रति संवेदनशीलता भी अपनानी चाहिए। जमीनी स्तर पर प्रबंधों की देखरेख के लिए अधिकारियों को जज्बे व जिम्मेदारी से कार्य करने की आवश्यकता है।
घबराएं नहीं, जागरूक रहें
आज 22 मार्च को केंद्र सरकार ने जनता कर्फ्यू का आह्वान एक वैज्ञानिक सोच से प्रेरित मानवता को समर्पित निर्णय है। पूरा देश इस निर्णय से सहमत है। नि:संदेह इस मुहिम से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
कोरोना के खिलाफ भारत एकजुट
देश में कोरोना के खिलाफ धार्मिक, सामाजिक और राजनैतिक तौर पर जनता की एकजुटता ने मिसाल कायम की है। आम लोगों ने जिम्मेदारी, जागरूकता व देश के प्रति समर्पण की भावना दिखाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉकडाऊन बढ़ाने के बावजूद लोग देश के लिए एकजुट हैं।
चीन की निर्लज्जता
एशिया में अपनी पकड़ बनाने और भारत को घेरने की अपनी पुरानी नीति के अंतर्गत चीन अब निर्लज्जता की हद तक पहुंच गया है। नेपाल में अपने चहेते प्रधानमंत्री ओ.पी शर्मा ओली की सरकार बचाने के लिए नेपाल के लिए चीन की राजदूत होऊयू यानकी लगातार सत्तापक्ष के बागियों को मनाने के लिए बैठकें कर रही है।
लापरवाह लोगों को दंड मिले
सवाल यह है कि देश भर में लॉकडाउन व लॉकडाउन लागू होने से पहले इतने बड़ी संख्या में लोग निजामुद्दीन मरकज में कैसे इक्ट्ठे हो गए? इससे दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
प्रवासी मजदूरों की दास्तां
मई महीने में मौसम में बढ़ रही तपिश, रात को ठहरने का कोई प्रबंध न होना, भूखे पेट रहना मजबूत अर्थव्यवस्था जैसे आदर्शों की सफलता में बड़ी रुकावट है। केन्द्र व राज्य दोनों ही सरकारों को प्रवास से घर लौट रहे मजदूरों की पीड़ाजनक दास्तां देखनी व समझनी चाहिए, इनकी घर वापिसी को तेज, सुखद व सफल बनाना चाहिए।


























