Jawaharlal Nehru

भारतीय लोकतंत्र के नायक थे चाचा नेहरू

0
14 नवंबर की तारीख को भारत...
Emperor Bimbisara's wish

सम्राट बिंबसार की इच्छा

0
सत्य को न खरीदा जा सकता है, न उसे दान या भिक्षा के द्वारा पाया जा सकता है।
Subhash was upset

परेशान हो उठे थे सुभाष

0
सुभाष बाबू बोले- यह देश हमारा है और हम आदेश विदेशियों का मानते हैं? क्या हम अपने घरों में उन लोगों के चित्र भी नहीं लगा सकते जिन्होंने हमारे लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। यह तो जुल्म है। आज मुझे आजादी का महत्व समझ में आ गया है। इस घटना के बाद सुभाष बाबू पर देशभक्ति का रंग और गहरा हो गया।

ताजा खबर