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चिन्ताजनक है पूंजी का बढ़ता असन्तुलन

भारत के अमीर और ज्यादा अमीर होते जा रहे हैं, गरीब और ज्यादा गरीब। इस बढ़ती असमानता से उपजी चिंताओं के बीच देश में अरब़पतियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। भारत के लिये विडम्बनापूर्ण है कि यहां गरीब दो वक्त की रोटी और बच्चों की दवाओं के लिए जूझ रहे हैं, वहीं कुछ […]
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