पश्चिम बंगाल में सख्ती के बाद बांग्लादेश वापसी की ओर बढ़े सैकड़ों लोग

हकीमपुर बॉर्डर पर 300 लोगों की भीड़, प्रशासन कर रहा पहचान और बायोमेट्रिक जांच

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बशीरहाट (एजेंसी)। Hakimpur Border: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी भारत से लौट रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट क्षेत्र में स्थित हकीमपुर बॉर्डर पर बांग्लादेश लौटने वाले लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 300 बताई जा रही है।

हकीमपुर बॉर्डर के पास बुधवार सुबह से बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक एकत्रित हुए। ये लोग अपने सामान के साथ बांग्लादेश लौटने की मंशा से सीमा क्षेत्र में पहुंचे हैं। वीडियो में अनेकों लोग अपने कंधे पर कपड़े का थैला टांगे हुए और अपने सामान को संभालते हुए दिखे तो अनेकों महिलाएं बच्चों को गोद में लिए हुए नजर आईं। हकीमपुर बॉर्डर पर जुटी भीड़ में बच्चों की संख्या भी अधिक थी।

कई बांग्लादेशियों ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि वे बंगाल में आकर मजदूरी करते थे। उनके पास यहां रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। सरकार ने कहा है कि हम बांग्लादेशियों को नहीं रखेंगे। इसलिए हम वापस जा रहे हैं।


वहीं, पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों की पहचान की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत दस्तावेजों का सत्यापन करने के साथ-साथ बायोमेट्रिक जांच भी की जा रही है, ताकि उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि की जा सके।

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राज्यों में रह रहे ऐसे लोगों का समूह लगातार हकीमपुर सीमा पर पहुंच रहा है। बुधवार को एकत्रित लोगों की संख्या पहले के दिनों की तुलना में अधिक देखी गई।

प्रशासन का कहना है कि सभी व्यक्तियों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और सत्यापन पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार अवैध प्रवासियों को 'पहचानने, हटाने और वापस भेजने' की नीति पर काम कर रही है। इसके तहत सरकार ने बीते दिनों जिला स्तर पर होल्डिंग सेंटर बनाने का भी फैसला लिया था। वहीं, मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को चेतावनी दी थी कि वे या तो स्वेच्छा से भाग जाएं या फिर उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।

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