8 साल से बिछड़े ‘चंदू’ को संगरिया के सेवादारों ने हजारों किमी. का सफर तय कर माँ से मिलाया
डेरा अनुयायियों को मानसिक रूप से विक्षिप्त हालत में मिला था चंदू
संगरिया (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। कहते हैं कि अगर मन में सच्ची इंसानियत और तड़प हो, तो भगवान भी बिछड़े हुओं को मिला देता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, संगरिया के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने, जिन्होंने 8 साल से लापता एक मानसिक रूप से परेशान बेटे को उसकी बूढ़ी मां से मिलाकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। विगत 7 जून 2026 को हनुमानगढ़ रोड पर एक लगभग 45 वर्षीय व्यक्ति मानसिक रूप से बेहद परेशान और बेसहारा हालत में घूम रहा था। Sangaria News
होटल संचालक धर्मवीर भारती की नजर उस पर पड़ी। उसे डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने संपर्क किया। सेवादारों ने तुरंत पहुंच कर मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति को चाय-पानी पिलाया, नहलाया-धुलाया और उसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी। सेवादारों की नि:स्वार्थ सेवा और इलाज का असर यह हुआ कि 2 महीने में उसकी हालत में सुधार होने लगा। उसने लड़खड़ाती जुबान में अपना नाम ‘चंदू’ और घर महाराष्ट्र बताया। इसके बाद सच्चे नम्र सेवादार रामफल इन्सां सोशल मीडिया के जरिए उसके परिवार को खोजने में जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद सोलापुर (महाराष्ट्र) में उसके परिजनों से संपर्क हो गया।
‘हम तो आस ही छोड़ चुके थे’
जब चंदू की मां इंदु बाई से फोन पर संपर्क हुआ, तो इंदु ने रोते हुए बताया, ‘मेरा बेटा 8 साल पहले मानसिक परेशानी में बिना बताए कहीं चला गया था। हमने उसे हर जगह ढूंढ़ा पर कोई पता नहीं चला। हम तो उसके जिंदा रहने की आस ही छोड़ चुके थे।’ अपने लाडले के सही-सलामत होने की खबर सुनकर मां की आंखों से आंसु बह निकले। Sangaria News
हौसलों के आगे 3600 किमी. की दूर पड़ी कम
संगरिया से महाराष्ट्र के सोलापुर की दूरी लगभग 1800 किलोमीटर थी। चंदू के गरीब और बेबस परिजनों ने इतनी दूर आने में अपनी असमर्थता जताई। ऐसे में इंसानियत के सच्चे प्रहरियों लालचंद इन्सां, विजय चुघ इन्सां और पवन इन्सां जंडवाला ने फैसला किया कि वे खुद चंदू को उसके घर छोड़कर आएंगे। सेवादारों ने भीषण गर्मी और दिक्कतों की परवाह न करते हुए ट्रेन से आने-जाने का कुल 3600 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया।
8 साल बाद अपने खोए हुए बेटे को देख बूढ़ी मां इंदु बाई ने उसे गले से लगा लिया। इसके बाद सेवादार भाइयों ने स्थानीय पुलिस थाने में अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कागजी कार्रवाई मुकम्मल कर चंदू को उसके परिवार को सौंप दिया। इंसानियत के इन सच्चे सिपाहियों ने साबित कर दिया कि दुनिया में भले ही कितनी भी नफरत हो, लेकिन नि:स्वार्थ सेवा और प्यार की ताकत आज भी सबसे बड़ी है। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों व परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों व पूज्य गुरु जी का धन्यवाद किया।
इनका रहा सहयोग
इस पुनित कार्य में मुख्य रूप से महाराष्ट्र के सच्चे नम्र सेवादार कृष्ण कुमार इन्सां, गुरदयाल सिंह इन्सां, सुनील मौर्य इन्सां व राजेंद्र पाठक का बहुत सहयोग रहा। इसके अलावा रामफल इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां, विजय चुघ इन्सां, पवन इन्सां जंडवाला, महेश गोयल इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक लवली गर्ग इन्सां, सच्ची प्रेमी समिति सेवादार गुरचरण खोसा इन्सां, सुरजीत खोसा इन्सां, सुरेन्द्र जग्गा इन्सां का सहयोग रहा। Sangaria News