हिमाचल में पहले ब्यास ने मचाई तबाही, अब भूस्खलन ने बढ़ाईं मुश्किलें

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शिमला (सच कहूँ न्यूज)। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश (Heavy Rain) से दुश्वारियां बरकरार हैं। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सड़कें ठप पड़ी हैं। कुल्लू में ब्यास नदी का रौद्र रूप भले ही शांत हो गया है, लेकिन जिले में लगातार हो रहे भूस्खलन से मुश्किलें बढ़ गई हैं। भूस्खलन की चपेट में मणिकर्ण घाटी का ब्रउेना, गड़सा का खोड़ाआगे, तीर्थन घाटी का रूपाजाणी, मनाली विस में जलौरा सहित कई गांव आ गए हैं। कई परिवार मकान छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। जिले में बरसात के दौरान करीब 2,200 मकानों को क्षति पहुंची है। प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 364 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद थीं। Himachal Weather

शिमला जिले में सबसे अधिक 167 और कुल्लू में 89 सड़कें बाधित हैं। इसके साथ ही 414 बिजली ट्रांसफार्मर व 514 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। उधर, जिला किन्नौर के चौरा और नाथपा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 5 पर फिर भूस्खलन हो गया। इससे किन्नौर का सड़क संपर्क शिमला से फिर कट गया। वहीं, ब्रौनी खड्ड के पास एनएच पर बड़े वाहनों की आवाजाही लगातार तीसरे दिन भी बंद है। रामपुर बाजार में रात से बिजली गुल होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। निरमंड खंड के अंतर्गत चाटी-समेज संपर्क मार्ग तीन दिन से बंद है। सिरमौर में 18 सड़कें बंद हैं। नाहन शहर में लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। Himachal Weather

चंबा के चुराह उपमंडल के चीह गांव में भूस्खलन से सेब के 30 पेड़ नष्ट हो गए हैं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे-पांच पर परवाणू के टीटीआर के समीप रविवार दोपहर करीब तीन बजे सड़क पर पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर आ गए हैं। इस कारण हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। हाईवे बंद होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और फोरलेन निमार्ता कंपनी की टीम मौके पर पहुंची। सड़क पर से मलबा हटाने का कार्य किया जा रहा है। यात्रियों, वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कांगड़ा स्थित पौंग बांध में सुबह तक पानी का स्तर 1375.67 फीट दर्ज किया गया।

बांध का पानी खतरे के निशान से 15 फीट नीचे है। बांध से शनिवार को 49,569 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था। बांध में पानी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। शनिवार शाम को 56,140 क्यूसिक पानी बांध में जमा हुआ। बांध में अभी पानी खतरे के निशान से 15 फीट दूर है। सरकार के अनुसार आपदा, भारी बारिश से नुकसान का आंकड़ा 8,882.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस बार मानसून में 24 जून से 29 जुलाई तक प्रदेश में 187 लोगों की जान गई है। 215 लोग जख्मी हुए हैं। 702 मकान ढह गए, जबकि 7161 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान भूस्खलन की 72 और अचानक बाढ़ की 52 घटनाएं सामने आई हैं। Himachal Weather

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पांच अगस्त तक कई भागों में बारिश का दौर जारी रहने का पूवार्नुमान जताया गया है। दो व तीन अगस्त के लिए कुछ भागों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, शनिवार रात को कसौली में 48.0, मशोबरा 33.0 और पंडोह में 31.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शिमला में आज हल्की धूप खिलने के साथ बादल छाए हुए हैं।

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