Hormuz Strait Tension: ईरान की धमकियों पर अमेरिका सख्त, कर दिया ये बड़ा ऐलान

कहा- होर्मुज स्ट्रेट से किसी भी जहाज की आवाजाही नहीं रुकेगी

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Hormuz Strait Tension: नई द‍िल्‍ली। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेर‍िका और ईरान तनातनी के बीच अमेरिका ने बड़ा दावा किया है। यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सभी वैध जहाजों के लिए खुला है और समुद्री आवाजाही जारी है। यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर ल‍िखा, ''होर्मुज स्‍ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी तरीके से होकर गुजरना चाहते हैं। अमेरिका की सेना वहां तैनात है और पूरी तरह तैयार हैं, ताकि ईरान की बेवजह की आक्रामकता, परेशान करने वाली कार्रवाइयों, धमकियों और मनमानी घोषणाओं के बावजूद समुद्री रास्ते से आने-जाने की आजादी बनी रहे। हॉर्मुज स्‍ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण नहीं है। इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है।'' US-Iran News

अमेर‍िका और ईरान दोनों ही होर्मुज स्‍ट्रेट को लेकर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। एक तरफ अमेर‍िका इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्ष‍ित और अपने न‍ियंत्रण में बता रहा है तो दूसरी तरफ ईरान लगातार जहाजों को यहां से न गुजरने की चेतावनी दे रहा है। ईरान की ओर से फिलहाल के ल‍िए इस मार्ग के बंद होने के दावा क‍िया जा रहा है। आईआरजीसी की नौसेना ने कहा कि होर्मुज स्‍ट्रेट में विदेशी ताकतों के गैरकानूनी हस्तक्षेप की वजह से पैदा हुई असुरक्षा के चलते यह जलमार्ग अगली सूचना तक बंद रहेगा। उसका यह भी कहना है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपना हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तब तक किसी भी जहाज को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने अमेरिका के ईरान के दक्षिणी इलाकों पर हुए हमलों के जवाब में जॉर्डन, कतर और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार मंच सेपा न्यूज पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में कई सैन्य ठिकानों और संचार टावरों पर हवाई हमले किए। आईआरजीसी के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में उसकी सेना ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर मौजूद अमेरिका के 'महत्वपूर्ण' सैन्य ढांचे और सुविधाओं पर हमला किया। उसका दावा है कि इस हमले में बेस का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और एमक्‍यू-9 रीपर ड्रोन का हैंगर नष्ट कर दिया गया। US-Iran News

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